Radico Khaitan को ‘Kashmyr लेबल' विवाद में मिली लीगत जीत, HC ने कही बड़ी बात
पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने रेडिको खेतान को पिकाडिली एग्रो लिमिटेड के साथ अपने वोदका ब्रांड के लिए 'Kashmyr लेबल' के इस्तेमाल को लेकर चल रहे ट्रेडमार्क विवाद में अंतरिम राहत प्रदान की है। अदालत के आदेश ने प्रभावी रूप से पिछले निषेधाज्ञा को रद्द कर दिया है, जिससे कंपनी को अपनी प्रीमियम 'द स्पिरिट ऑफ़ कश्मीर' वोदका की बिक्री जारी रखने की अनुमति मिल गई है।

यह अनुमति पूर्ण कानूनी जांच होने तक बिक्री जारी रखने के लिए दी गई है। आपको बता दें कि ये विवाद तब शुरू हुआ जब पिकाडिली एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने करनाल जिला न्यायालय में एक वाणिज्यिक मुकदमा दायर कर रेडिको को कश्मीरी चिह्न के इस्तेमाल से रोकने की मांग की। उनका दावा था कि यह उसके पंजीकृत 'Cashmere' ट्रेडमार्क से भ्रामक रूप से मिलता-जुलता है।
23 सितंबर, 2025 को, जिला न्यायालय ने रेडिको के खिलाफ एक अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की, जिससे इस चिह्न के इस्तेमाल पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई थी। रेडिको खेतान ने जिला न्यायालय के उस पूर्व आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। अपनी अपील में, कंपनी ने तर्क दिया कि हरियाणा में यह मामला गलत तरीके से दायर किया गया , क्योंकि रेडिको राज्य में उत्पाद का निर्माण, बिक्री या आबकारी लाइसेंस नहीं रखती है।
'हम मार्केट में पहले आए, भ्रम नहीं फैलाया'
रेडिको ने यह भी बताया कि उसने अपने लक्ज़री वोदका ब्रांड को उत्तर प्रदेश में मई 2025 में ही लॉन्च कर दिया था, पिकाडिली द्वारा 23 मई, 2025 को अपने 'Cashmir Vodka' उत्पाद की घोषणा से दो दिन पहले। इस तरह Radico ने 'first mover' (पहले बाज़ार में प्रवेश करने वाला) होने का दावा किया। कंपनी ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी ब्रांड के पूर्व उपयोग के दावों में कोई ठोस सबूत नहीं है और उपभोक्ताओं में कोई वास्तविक भ्रम नहीं दिखाया गया है।
उच्च न्यायालय ने कही ये बात
उच्च न्यायालय ने पाया कि Piccadilly की ओर से हरियाणा में बिक्री या व्यापार का ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं किया गया था। साथ ही, न्यायालय ने यह कहा कि प्रारंभिक दायित्वों को स्वीकार किए बिना, पूरे मामले की गहराई से जांच करना उचित होगा। इसलिए, उच्च न्यायालय ने जिला न्यायालय द्वारा दिए गए उस निषेधाज्ञा (injunction) आदेश को प्रभावहीन कर दिया और Radico को 'Kashmyr' नाम के साथ अपना व्यवसाय जारी रखने की अनुमति दी।
हालांकि, इस अनुमति के अंतर्गत Radico को अपने विक्रय (sales) के रिकॉर्ड पारदर्शी बनाए रखना होगा, ताकि अगली सुनवाई तक विवाद के अंश साफ हो सकें। अगली सुनवाई 13 नवंबर 2025 को निर्धारित की गई है।
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