नवजोत सिंह सिद्धू को कैप्टन ने आर्काइव्स एवं म्यूजियम विभाग में भेजा
कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित पंजाब कांग्रेस के अन्य पुराने व वरिष्ठ नेताओं का धड़ा नहीं चाहता था कि सिद्धू को को पंजाब सरकार में दूसरे नंबर का पद दिया जाए।
चंडीगढ़। दस सालों के इंतजार के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह एक बार फिर पंजाब के कप्तान बन गए। गुरुवार को उन्होंने मुख्यमंत्री के पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। अमरिंदर सिंह के साथ 7 कैबिनेट और 2 राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया। इस दौरान जो सबसे हैरान करने वाला वक्या रहा वो ये कि डिप्टी सीएम पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे नवजोत सिंह सिद्धू को महज कैबिनेट मंत्री पद से ही संतोष करना पड़ा।

शपथ ग्रहण के बाद ही मंत्रालय का बंटवारा भी हो गया। सिद्धू को स्थानीय प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामले, आर्काइव्स एवं म्यूजियम जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मीडिया रिपोर्टों की मानें तो कैप्टन अमरिंदर सिंह सहित पंजाब कांग्रेस के अन्य पुराने व वरिष्ठ नेताओं का धड़ा नहीं चाहता था कि विधानसभा चुनाव से महज कुछ दिनों पहले पार्टी में शामिल होने वाले सिद्धू को पंजाब सरकार में दूसरे नंबर का पद दिया जाए। पढ़ें- पंजाब CM के शपथ समारोह में आप विधायकों को नहीं मिली बैठने की जगह
इन पुराने कांग्रेसी नेताओं के धड़े का ये दबाव काम भी आया और आलाकमान तथा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर लगातार दबाव डालने पर सिद्धू डिप्टी सीएम बनते-बनते रह गए। रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस चाहती थी कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भी पार्टी का प्रचार करें लेकिन सिद्धू इसके लिए तैयार नहीं दिखे। हालांकि, सिद्धू ने पंजाब में कांग्रेस के लिए धुंआधार प्रचार किया।












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