Pune Porsche: अगर कोई नाबालिग आपकी कार चलाता है, तो क्या जाना होगा जेल? यहां जानें पूरा प्रावधान
Pune Porsche: पुणे कार दुर्घटना ने भारत में, नाबालिग द्वारा वाहन चलाने को लेकर कड़े कानून और प्रावधानों झकझोर दिया है। जिसमें एक 17 साल के रईसजादे की नासमझी और नशे की लत ने दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया। रईसजादे पर धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। क्योंकि उसे अपने लापरवाह कृत्य के बारे में पता था और वह शराब पीकर तेज रफ्तार से पोर्श कार ला रहा था।
वाहन मालिक यानी रईसजादे के पिता विशाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। विशाल पर जुनाईल जस्टिस एक्ट की धारा 75 और मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम की 199 (ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब विशाल को 3 साल तक की जेल हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि वह एक अभिभावक के रूप में अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहे। ऐसे में अब लोगों के जेहन में यह सवाल उठना लाजमी है कि अगर, कोई नाबालिग (18 वर्ष से कम आयु) आपकी कार चलाता है, तो क्या जेल जाना पड़ सकता है? क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है? आइए जानते हैं विस्तार से प्रावधान समेत सभी बातें...

- मोटर वाहन अधिनियम, 1988: इस अधिनियम के तहत, किसी नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर वाहन मालिक और नाबालिग के अभिभावक दोनों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
- धारा 180: अगर, कोई व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति को वाहन चलाने की अनुमति देता है, जिसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है (जिसमें नाबालिग भी शामिल हैं), तो वह धारा 180 के तहत दोषी हो सकता है। इस स्थिति में, तीन महीने तक की जेल या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
- धारा 181: बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने पर नाबालिग को धारा 181 के तहत दोषी ठहराया जा सकता है, जिसमें जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है।
- धारा 199ए: 2019 के संशोधन के तहत, यदि किसी नाबालिग के वाहन चलाने से दुर्घटना होती है, तो नाबालिग के अभिभावक या वाहन मालिक को दोषी माना जा सकता है। इसके तहत तीन साल तक की जेल हो सकती है। 25 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। वाहन का पंजीकरण एक साल के लिए रद्द किया जा सकता है। नाबालिग को 25 साल की उम्र तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिलेगा।
- बीमा प्रभाव: अगर नाबालिग के वाहन चलाने से कोई दुर्घटना होती है, तो बीमा कंपनी द्वारा बीमा दावा अस्वीकार किया जा सकता है।
पुराने मामले देते हैं सख्त कार्रवाई की गवाही
याद रखने वाली बात यह है कि बिना लर्नर लाइसेंस के नाबालिग द्वारा मोटर वाहन चलाना अपने आप में एक अपराध है। उदाहरण के लिए, 2020 में ओडिशा के भद्रक जिले में एक नाबालिग को अपनी बाइक चलाने की अनुमति देने के लिए एक मोटरसाइकिल मालिक पर 42,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।












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