'महिला खिलाड़ियों की इज्जत की चिंता नहीं', चौतरफा घिरीं पीटी उषा, अपनी अकादमी पर बात आई थी तो कहा था कुछ और...
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) की प्रेसिडेंट पीटी उषा ने कहा कि सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने वाले पहलवान अनुशासनहीन है। उनके इस विरोध से भारत की छवि को खराब हो रही है। उन्हें पहले हमारे पास आना चाहिए था।

'पहलवानों का सड़कों पर जाने से पहले हमारे पास आना चाहिए था। पहलवानों का सड़कों पर प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता है, इससे भारत की छवि खराब हो रही है', इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) की प्रेसिडेंट पीटी उषा ने अपने इस बयान से विवाद खड़ा कर दिया है। पीटी उषा के इस बयान की आलोचन सोशल मीडिया पर हो रही है।
राज्यसभा सांसद पीटी उषा ने कहा है कि पहलवानों का सड़कों पर प्रदर्शन करने से भारत की छवि दुनिया के सामने खराब हो रही है। खेल के लिए ये अच्छा नहीं है। पीटी उषा ने यह बयान भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर दिया है। बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप महिला पहलवानों ने लगाया है।
पीटी उषा ने कहा है कि सड़कों पर उतरने के बजाय पहले आईओए से संपर्क करना चाहिए था। पीटी उषा के इस बयान पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों से लेकर कई मशहूर हस्तियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि उन्हें इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं थी।

लोगों को याद आया पीटी उषा का रोना...!
ऐसे में कई लोगों ने पीटी उषा के उस बयान का जिक्र किया है, जब वह फरवरी 2023 में 'उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स' की जमीन पर अतिक्रमण और महिला की सुरक्षाओं को लेकर कैमरे पर बोलते हुए रोने लगी थीं। 'उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स' केरल के कोझिकोड में स्थित है। जहां कई महिलाएं एथलीट ट्रेनिंग लेती हैंष।
फरवरी 2023 की शुरुआत में पीटी उषा ने कहा था कि 'उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स' की जमीन पर कुछ लोग जबरन घुस आए हैं और कुछ लोग छात्राओं के कैम्पस में घुस गए, महिलाओं की सुरक्षा को खतरा है।
उस वक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बात बताते वक्त पीटी उषा भावुक हो गईं थी और कैमरे पर रोने लगी थीं। पीटी उषा ने आंखों में आंसू लिए कहा था, ''मुझे लगातार टारगेट किया जा रहा है। मुझे लड़कियों की चिंता सता रही है।'' उस वक्त स्थानीय पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत मिलने के बाद अतिक्रमणकारियों को अकादमी से बाहर कर दिया गया था।
अब कैसे बदल गया पीटी उषा का रुख
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस बात का जिक्र किया है कि जब बात पीटी उषा के खुद की अकादमी पर आई थी तो उन्हें महिला खिलाड़ियों की चिंता थी। लेकिन अब विरोध करने वाले पहलवानों को लेकर उनका रुख कुछ अलग और बदला हुआ क्यों है।
एक सोशल मीडिया यूजर ने लिखा,''पीटी उषा को महिला खिलाड़ियों की इज्जत की चिंता नहीं है ? शर्मनाक है।'' एक अन्य यूजर ने लिखा, ''मुझे पीटी उषा से ऐसी उम्मीद नहीं थी। मुझे कुछ बेहतर की उम्मीद थी। आईओए को इस मामले में संज्ञान लेने से कुछ भी नहीं रोक रहा है।''
एक अन्य यूजर ने कहा, ''पीटी उषा को इस बात की समझ है कि विरोध करने वाले पहलवानों से भारत का नाम खराब होगा लेकिन डब्ल्यूएफआई प्रमुख पर ऐसा आरोप लगने से क्या होगा...ये नहीं सोच रही हैं। इसमें सबसे बड़ा सवाल ये उठाता है कि क्या केवल एक अच्छा खिलाड़ी होने से किसी व्यक्ति को भारतीय ओलंपिक संघ जैसे संगठन का प्रमुख बनाया जाना चाहिए।''
यहां देखें कुछ और ट्वीट
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यह भी लिखा है कि जब दिसंबर 2022 में पीटी उषा को भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) का अध्यक्ष बनाया गया तो ये उम्मीद थी कि अब इस संगठन का बेहतर काम होगा।
भारतीय ओलंपिक संघ के 95 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था कि कोई IOA की प्रमुख पहली ओलंपियन और अंतर्राष्ट्रीय पदक विजेता बनी हो। कहा जा रहा था कि एक खिलाड़ी को एक दूसरा खिलाड़ी ही बेहतर समझ सकता है। लेकिन पीटी उषा के बयान से कई लोगों को निराशा हुई है।
आप भी कमेंट करके बताए कि आप पीटी उषा के इस बयान पर क्या राय रखते हैं।












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