Proud Moment: भारत में बने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट ने स्वदेशी INS विक्रांत पर की सफल लैंडिंग
लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट ने स्वदेशी आईएनएस विक्रांत पर सफल लैंडिंग की है। ये मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट की बड़ी कामयाबी है।

भारत के इतिहास में आज का दिन यानी 6 फरवरी काफी खास रहा, जहां स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) के नेवी वर्जन ने भारत के पहले स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर (आईएसी) आईएनएस विक्रांत पर पहली लैंडिंग की। इसे मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट की बड़ी कामयाबी मानी जा रही। रक्षा विशेषज्ञों का अनुमान है कि स्वदेशी जहाजों की ये जोड़ी, रक्षा क्षेत्र में नई क्रांति लाएगी।
मामले में नौसेना के प्रवक्ता सीडीआर विवेक मधवाल ने कहा कि नौसेना के पायलटों ने आईएनएस विक्रांत पर एलसीए (नौसेना) की लैंडिंग की। ये भारतीय नौसेना द्वारा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। प्रवक्ता के मुताबिक ये सफल लैंडिंग स्वदेशी लड़ाकू विमानों के साथ आईएसी के डिजाइन, विकास, निर्माण और संचालन की भारत की क्षमता को प्रदर्शित करती है। वैसे पिछले साल आईएनएस विक्रांत को नौसेना में पूरी तरह से शामिल किया था। तब से उस पर कई तरह के विमानों की लैंडिंग हुई है।
INS विक्रमादित्य पर हो चुकी है लैंडिंग
आपको बता दें कि लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) को डीआरडीओ ने पूरी तरह से भारत में विकसित किया है। इसकी टेक्टिंग भी सफल रही। इससे पहले इसे आईएनएस विक्रमादित्य पर लैंड करवाया गया था। नौसेना ने इसको लेकर काफी फीडबैक भी दिए थे। जिसके आधार पर DRDO ने एक ट्विन इंजन डेक-आधारित फाइटर (TEDBF) विकसित करना शुरू कर दिया है।
तीन अरेस्टर वायर का है सेट
आपको बता दें कि INS विक्रांत से स्की-जंप टेक्निक से विमानों का टेकऑफ होता है, जबकि लैंडिंग के लिए इस पर अरेस्टर वायर का तीन सेट है। मौजूदा वक्त में मिग-29के विमान का संचालन इससे होगा। इसके बाद LAC को इस पर तैनात किया जाएगा। वहीं बोइंग एफ/ए-18 ई/एफ सुपर हॉर्नेट और डसॉल्ट एविएशन राफेल के विमानों की खरीद को लेकर भी विचार किया जा रहा है। जिसके बाद नौसेना की क्षमता में काफी ज्यादा इजाफा होगा।












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