Farmers protest: पुलिस के ड्रोन गिराने के लिए किसानों ने बनाई 'देसी जुगाड़', पतंगों से लड़ा रहे हैं पेंच
Farmers protest, किसान आंदोलन 2.0 का आज दूसरा दिन है। हजारों की संख्या में किसान दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर्स पर डटे हुए हैं। किसान फिलहाल, हरियाणा के अंबाला के शंभू बॉर्डर से आगे नहीं जा पा रहे हैं। यहां पर बीते 36 घंटे से किसान रुके हुए हैं।
दूसरे ओर पुलिस किसानों पर ड्रोन के जरिए आंसू गैस के गोले बरसा रही है। आंसू गैस के गोलों के चलते किसानों को पीछे हटना पड़ा है। अब किसानों ने इन ड्रोन को गिराने के एक देसी जुगाड़ निकाल लिया है।

किसान ड्रोन को गिराने के लिए पतंगे उड़ा रहे हैं। बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब अब किसानों ने ड्रोन को गिराने के लिए शंभू बॉर्डर पर पतंगबाजी शुरू कर दी है। किसान बड़ी संख्या में पतंग लेकर पहुंचे हैं और शंभू बॉर्डर पर पतंग उड़ा रहे हैं, ताकि पतंग के मांझे में ड्रोन को फंसाकर गिराया जा सके।
किसान शंभू बॉर्डर पर इतनी बड़ी तादाद में पतंग उड़ा रहे हैं कि पुलिस का ड्रोन अपने रास्ते से भटक जा रहा है। बुधवार को किसानों ने आंसू गैस के प्रभाव को कम करने के लिए चेहरों पर मुल्तानी मिट्टी लगाई। साथ ही कई किसानों ने चेहरे पर मास्क और आंखों पर एयर टाइट चश्मे लगा रखे हैं।
सबसे आगे चलाने वाले ट्रैक्टरों के सामने लोहे की चादर लगा दी गई है और उन्हें गीली बोरियों से ढक दिया गया है। इसके अलावा मिट्टी उड़ाने की मशीनें भी मंगवाई गई। ताकि मिट्टी की धुंए को कम किया जा सके और पुलिस को चकमा भी देने में आसानी हो। इसके अलावा आंसू गैस के गोलों को निष्क्रिय करने के लिए किसानों ने वाटर स्प्रे और गीली बोरियां लगाई हैं। वहीं, बैरिकेडिंग तोड़ने के लिए जेसीबी मशीनें मंगाई जा रही हैं।
वहीं दूसरी ओर पंजाब के अधिकारियों ने शंभू सीमा पर अपने क्षेत्र में आंदोलनकारी किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने के लिए हरियाणा द्वारा ड्रोन के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है। पंजाब के पटियाला के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) शौकत अहमद पर्रे ने अंबाला के डिप्टी कमिश्नर को पत्र लिखकर कहा है कि वे अंबाला के पास शंभू सीमा पर पंजाब के क्षेत्र के अंदर अपने ड्रोन न भेजें।












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