'6 गोली पुलिस ने मारी, 2 तो अभी भी शरीर में, बेकसूर हूं...', रांची हिंसा में घायल अबसार ने बताई आपबीती
'6 गोली पुलिस ने मारी, 2 तो अभी भी शरीर में, बेकसूर हूं...', रांची हिंसा में घायल अबसार ने बताई आपबीती
रांची, 12 जून: निलंबित भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैगंबर मुहम्मद और इस्लाम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में झारखंड के रांची में हिंसा में हुई। रांची में विरोध में हिंसक झड़पों के बाद 20 लोग घायल हो गए। जिसमें में 2 लोगों की मौत हो गई है और बाकियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। प्रदर्शनकारी नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। अस्पताल में भर्ती बाकी लोगों के साथ एक मुस्लिम युवा अबसार भी शामिल है, जिसे पुलिस ने 6 गोली मारी थी। फिलहाल वो अस्पताल में भर्ती है और ठीक हो रहा है।

'मैं बाजार से लौट रहा था, जब मुझे गोलियां लगीं...'
राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में इलाज करा रहे युवक अबसार ने कहा कि वह बाजार से लौट रहा था जब उसे 6 गोलियां लगीं। अबसार का दावा है कि वो विरोध नहीं कर रहा था और नाहीं प्रदर्शन में शामिल था। उसका दावा है कि वह बाजार से लौट रहे थे और विरोध में भाग नहीं ले रहे थे, जब उसने लोगों के एक समूह को पथराव करते देखा और जवाब में पुलिस ने फायरिंग की। उसने कहा कि उसने भागने की कोशिश की लेकिन पुलिस के गोली लगते ही वह जमीन पर गिर गया।
Recommended Video

'6 गोली लगी, 4 निकाली गई, 2 अभी भी मेरे शरीर में...'
अबसार का कहना है कि पुलिस फायरिंग में उन्हें 6 गोलियां लगी थीं। जिसमें से चार निकाल दी गई है और 2 उसके अभी भी शरीर में है। डॉक्टर ने कहा है कि वे कुछ दिनों में बाकी गोलियां निकाल लेंगे। बता दें कि रांची में हुई हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए हैं।

'वह हंगामा देखकर भागने लगा, इसलिए गोली लगी...'
अस्पताल में इलाज करा रहे एक अन्य व्यक्ति तबारक ने दावा किया कि अचानक हंगामा देखकर वह (अबसार ) भागने लगा था, इसलिए उसे गोली लग गई। हां लेकिन ये सच है कि अबसार विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं ले रहे थे। तबारक ने यह भी दावा किया कि अबसार विरोध नहीं कर रहा था।

रांची में कैसे बिगड़े हालाता
शुक्रवार (10 जून) की नमाज के बाद नूपुर शर्मा के बयान के खिलाफ मुस्लिम समुदाय का जुलूस हनुमान मंदिर पहुंचते ही हिंसक झड़प में बदल गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका लेकिन प्रदर्शनकारियों के पथराव की वजह से स्थिति बद से बदतर होती चली गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को हवा में गोलियां चलानी पड़ी और आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े।
22 घायलों में 10 पुलिसकर्मी हैं और अन्य प्रदर्शनकारी हैं। घायलों में तीन की हालत गंभीर है।

रांची में धारा 144 लागू
हिंसा के बाद, रांची शहर में धारा 144 लागू कर दी गई और अफवाहें न फैले, यह सुनिश्चित करने के लिए इंटरनेट भी बंद कर दिया गया था। हालांकि, स्थिति के धीरे-धीरे सामान्य होने के संकेत मिलने के बाद शनिवार (11 जून) को इंटरनेट बहाल कर दिया गया। रांची में माहौल तनावपूर्ण है, लेकिन कोई अन्य घटना नहीं हुई है। कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।












Click it and Unblock the Notifications