लोकसभा चुनाव 2019: सुरेंद्रनगर लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: गुजरात की सुरेंद्रनगर लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा के देवजी भाई फतेहपुरा हैं। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर उन्होंने कांग्रेस के सोमाभाई पटेल को 202, 907 वोटों से हराया था। उस साल देवजी भाई फतेहपुरा को यहां पर 529,003 वोट मिले थे तो वहीं कांग्रेस प्रत्याशी पटेल को मात्र 326, 096 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर कुल मतदाताओं की संख्या 16,56,657 थी, जिसमें से मात्र 9,44,677 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 5,42,339 और महिलाओं की संख्या 4,02,338 थी।

सुरेंद्रनगर लोकसभा सीट का इतिहास
सुरेंद्रनगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की सात सीटें हैं। साल 1952 में यहां पहली बार आम चुनाव हुए थे, जिसे कि कांग्रेस ने जीता था, तब से लेकर 1962 तक यहां पर कांग्रेस का शासन रहा है, साल 1967 में यहां पर स्वतंत्र पार्टी ने जीत दर्ज की तो वहीं 1971 के चुनाव में यहां पर कांग्रेस की वापसी हुई। 1977 का चुनाव यहां पर जनता पार्टी ने जीता तो वहीं 1989 के चुनाव में यहां पहली बार भाजपा जीती और 1991 तक उसका यहां पर राज रहा लेकिन 1996 का चुनाव यहां पर कांग्रेस ने जीता, साल 1998 के चुनाव में यहां पर भाजपा की वापसी हुई, हालांकि 1999 के चुनाव में यहां कांग्रेस को सफलता मिली लेकिन साल 2004 का चुनाव भाजपा ने यहां पर जीता और सोमाभाई पटेल यहां से सांसद चुने गए और वो साल 2009 के चुनाव में भी यहां से निर्वाचित हुए लेकिन इस बार उन्होंने यहां पर कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन साल 2014 के चुनाव में उन्हें भाजपा के देवजी भाई फतेहपुरा ने इस सीट पर भारी अंतर से हरा दिया।
सुरेंद्रनगर, परिचय-प्रमुख बातें-
ब्रिटिश साम्राज्य में गुजरात के सुरेंद्रनगर शहर को हिल स्टेशन के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था, झाला राजपूतों का वर्चस्व होने की वजह से इस शहर को पहले झालावाड़ के नाम से भी जाना जाता था। सुरेंद्रनगर पूरी दुनिया में अपने कॉटन के लिए मशहूर है, इसी खासियत को देखते हुए 1964 में सरकार ने 'द सुरेंद्रनगर कॉटन ऑयल एंड ऑयल सिड्स असोसिएशन लिमिटेड' बनाया था, जिसके जरिए कॉटन एक्सपोर्ट किया जाने लगा, सुरेंद्रनगर शहर में कपड़ा और खासतौर पर साड़ियों का बड़ा बाजार है, तो वहीं यह शहर नमक उत्पादन के लिए जाना जाता है, यहां का राज राजेश्वरी मंदिर लाखों लोगों के लिए आस्था का केंद्र है, यहां की कुल आबादी 24,13,723 है, जिसमें से 74.31 फीसदी लोग गावों में और 25.69 फीसदी लोग शहरों में रहते हैं, इसके अलावा यहां 9.99 फीसदी लोग अनुसूचित जाति और 1.04फीसदी लोग अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं।
देवजी भाई फतेहपुरा का लोकसभा में प्रदर्शन
दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक सांसद देवजी भाई फतेहपुरा की पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में उपस्थिति 86 प्रतिशत रही है और इस दौरान उन्होंने लोकसभा की 3 डिबेट में हिस्सा लिया है और 205 प्रश्न पूछे हैं।
सुरेंद्रपुर लोकसभा सीट पर सीधा मुकाबला कांग्रेस बनाम बीजेपी ही रहा है और किसी और पार्टी का यहां पर कोई अस्तित्व नहीं रहा है, यहां कभी बाजी भाजपा के हाथ तो कभी कांग्रेस के हाथ लगी है, इस बार भी इस सीट पर दोनों के बीच में ही हमें कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी, ऐसी उम्मीद की जा सकती है। वैसे 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने गुजरात में सभी 26 सीटें जीती थीं, ये अपने आप में एक बहुत बड़ा रिकार्ड है, क्या ये रिकार्ड इस बार भी कायम रहेगा, यही सवाल अब हर किसी के जेहन में घूम रहा है, जिसके जवाब के लिए हमें चुनावी नतीजों का इंतजार करना होगा, देखते हैं कि इस बार गुजरात की जनता क्या फैसला सुनाती है।












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