लोकसभा चुनाव 2019- सासाराम लोकसभा सीट के बारे में जानिए

नई दिल्ली: बिहार की सासाराम सीट लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा के छेदी पासवान हैं। छेदी पासवान ने 2014 के लोकसभा चुनाव में मीरा कुमार को 63,327 वोटों से पराजित किया था। सासाराम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है। इस संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं। इस सीट से कांग्रेस कार्यकाल में लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने दो संसदीय चुनाव में जीत हासिल की थी।

profile of Sasaram lok sabha constituency

सासाराम लोकसभा सीट का इतिहास

सासाराम की लोकसभा सीट पर जगजीवन राम का वर्चस्व रहा चुका है, जिसके बाद ही मीरा कुमार ने अपने पिता की पैठ वाली सीट पर चुनाव लड़ा और वो इसमें सफल भी रहीं। जगजीवन राम को एक समय में प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर भी देखा जा चुका है। जगजीवन राम, सासाराम लोकसभा सीट से 8 बार सांसद चुने गए थे। लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव में सासाराम की निर्वाचन क्षेत्र पर बड़ा फेरबदल देखने को मिला। इस चुनाव में भाजपा नेता छेदी पासवान ने मीरा कुमार को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इस जीत के साथ ही वो तीसरी बार यहां से सांसद बनने में सफल हुए। हालांकि इससे पहले वो दो बार यहां से जनता दल के टिकट पर एमपी चुने गए थे।

सासाराम लोकसभा सीट पर 1952 से लगातार 5 बार कांग्रेस का दबदबा रहा , मगर आपातकाल के बाद हुए 1977 के चुनाव में जगजीवन राम ने जनता पार्टी की टिकट से सासाराम में जीत हासिल की। गौरतलब है 1980 के चुनाव में बाबू जगजीवन राम ने अपनी नई पार्टी कांग्रेस ( जगजीवन) पार्टी बनाकर सासाराम पर कब्ज़ा किया था, जिसके बाद 1984 का चुनाव भी जगजीवनराम के नाम ही रहा। 1984 चुनाव के बाद सासाराम की राजनीति में जनता ने नया रुख अपनाया और 1989, 1991 में जनता दल और फिर 1996, 1998, 1999 में बीजेपी को मौका दिया। 2004 में दोबारा कांग्रेस ने सासाराम में एंट्री मारी , इसके बाद 2009 में भी कांग्रेस की मीरा कुमार ने बीजेपी को यहां हराया और एमपी की सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा लेकिन साल 2014 में बाजी पलट गई और यहां कमल खिल गया और छेदी पासवान यहां के एमपी बन गए, वैसे पासवान और मीरा कुमार का चुनावी दंगल में आमना-सामना इस क्षेत्र में अब तक तीसरी बार हुआ और तीनों बार पासवान ने मीरा कुमार को पटखनी दी है।

सासाराम, परिचय- प्रमुख बातें-

सासाराम में शेरशाह सूरी का मकबरा है जिसकी वजह से यह विश्वमानचित्र में भी काफी चर्चित स्थानों में से एक है।
साल 2011 की जनगणना के मुताबिक सासाराम की जनसंख्या 26,00,590 है।
91 प्रतिशत आबादी ग्रामीण जबकि 8 प्रतिशत जनसंख्या शहरी है।
साल 2014 के चुनाव में यहां पर नंबर 2 पर कांग्रेस, नंबर 3 पर जेडीयू और नंबर 4 पर बसपा थी
2014 के चुनाव में मतदाताओं की संख्या 16 लाख 7 हजार 747 थी
8 लाख 46 हजार 788 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था
पुरुषों की संख्या 4,74,117 थी और महिलाओं की संख्या 3,72,671 थी।

साल 2014 की तुलना में साल 2019 के सियासी हलात बदल गए हैं, इस बार JDU,भाजपा के साथ है और लोक समता पार्टी (रालोसपा) उससे अलग, ऐसे में इस सीट पर कमल को वापस खिलने के लिए कड़ा मुकाबला करना पड़ सकता है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि सासारामवासी इस बार बीजेपी को फिर से मौका देते हैं या फिर वो वापस अपने पुराने साथी कांग्रेस को चुनते हैं।

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