लोकसभा चुनाव 2019: मुरादाबाद लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद लोकसभा सीट पर इस समय भाजपा का कब्जा है। साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में यहां पर बीजेपी के कुंवर सर्वेश कुमार सिंह ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. एसटी हसन को 87504 मतों से पराजित किया था। सर्वेश कुमार सिंह और एसटी हसन के बीच हार-जीत का अंतर सात प्रतिशत वोटों का रहा था।

मुरादाबाद में पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिनके नाम बरहापुर,कंठ, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद देहात और मुरादाबाद नगर हैं। 1996 से समाजवादी पार्टी ने लगातार दो बार मुरादाबाद सीटी जीती। इसके बाद 1999 में सहसपुर के राजा चन्द्र विजय सिंह अखिल भारतीय लोकतान्त्रिक कांग्रेस की टिकट पर मुरादाबाद से जीते थे। 2004 में शाफिकुर रहमान बर्क समाजवादी पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीते। इसके बाद 2009 में पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन कांग्रेस के टिकट पर यहां जीते थे। साल 2014 में ये सीट भाजपा के कब्जे में आ गई। उस बार यहां सपा दूसरे नंबर पर, बसपा तीसरे, PECP चौथे और कांग्रेस 5वें नंबर पर रही।
कुंवर सर्वेश कुमार सिंह भारतीय जनता पार्टी के पहले सांसद हैं, जो मुरादाबाद में जीते हैं। पिछले पांच सालों में इनकी सक्रियता सदन में 81 प्रतिशत रही और इन्होंने मात्र 106 प्रश्न पूछे।
2011 की जनगणना के अनुसार मुरादाबाद जिले की कुल जनसंख्या 4,772,006 है जो कि लगभग सिंगापुर की जनसंख्या के बराबर है, उत्तर प्रदेश का यह शहर प्रदेश का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है। मुरादाबाद की 52 प्रतिशत आबादी हिंदू और 47 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम है, इस इलाके में साल 2014 के चुनाव में 1771985 वोटरों ने हिस्सा लिया था, जिसमें 54 प्रतिशत पुरुष और 45 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं।
यूपी की मुरादाबाद लोकसभा सीट का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है, अकबर के शासन काल के दौरान मुरादाबाद चौपाल परगना के कार्यालय के रूप में विकसित हुआ था। पीतल के कारोबार की वजह से इसे 'पीतल नगरी' के नाम से भी संबोधित किया जाता है।












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