मणिशंकर अय्यर: कभी पार्टी पर सवाल उठाया तो कभी मोदी को नीच कह खबरों में कुछ यूं साल भर बने रहे
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नई दिल्ली। कांग्रेस से निलंबित नेता मणिशंकयर अय्यर इस साल खबरें बनाने वालों में शामिल रहे। उन्होंने दिल्ली में ही एक कार्यक्रम के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाया था। इतना ही नहीं अपनी ही पार्टी कांग्रेस पर अय्यर ने सवाल उठाया था। बता दें कि दिसंबर महीने की 7 तारीख को अय्यर ने प्रधानमंत्री के लिए 'नीच' शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके बाद पीएम मोदी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान रैलियों में इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया। जानकारों का मानना है कि अय्यर के बायन के बाद मोदी ने चुनावी रैलियों में इसे मुद्दा बनाया और अपने को पीड़ित, शोषित और नीची जाति में पैदा हुआ बताकर गुजराती जनमानस में गुजराती अस्मिता जगाई। अय्यर के बयान की वजह से ओबीसी वोटरों में बिखराव हुआ , जिसका फायदा बीजेपी ने उठाया और कांग्रेस के हाथ से जीत फिसल गई। इससे पहले मणिशंकर अय्यर ने कांग्रेस अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी की ताजपोशी से जुड़े सवाल पर मुगल शासकों का जिक्र कर दिया था।

उन्होंने कहा था कि क्या जहांगीर की जगह जब शाहजहां आए, तब क्या कोई इलेक्शन हुआ था? जब शाहजहां की जगह औरंगजेब आए तब क्या कोई इलेक्शन हुआ? जिस पर गुजरात के धरमपुर में रैली के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को घेर लिया थाा। मोदी ने अय्यर के बयान का हवाला देते हुए कांग्रेस को औरंगजेब के काल का बता दिया था। मोदी ने कहा था कि औरंगजेब राज उन्हीं को मुबारक। इसी साल मार्च में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कांग्रेस की बुरी गत के बाद अय्यर ने पार्टी की रणनीति को लेकर सवाल खड़े किए थे।
अय्यर ने कहा था कि कांग्रेस नेतृत्व में बड़े बदलाव की जरुरत है। उन्होंने कहा था कि 2019 में अगर हमें भारतीय जनता पार्टी को रोकना है और जीत हासिल करनी है तो महागठबंधन की रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने 2004 और 2009 में किए गए प्रयोग को आधार बनाते हुए कहा था कि हमें 2019 में भी कुछ वैसी ही रणनीति बनानी होगी।












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