लोकसभा चुनाव 2019: कोलकाता उत्तर लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: कोलकाता उत्तर लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय हैं। साल 2014 के चुनाव में 535,236 पुरुष और 420,542 महिलाओं ने वोट डाले। इस तरह कुल 955,778 वोट पड़े और 67 प्रतिशत मतदान हुआ। जनरल कैटेगरी की इस सीट पर सुदीप बंद्योपाध्याय को 343,687 वोट और दूसरे नंबर पर रही बीजेपी को 247,461 वोट मिले । इस तरह सुदीप बंद्योपाध्याय ने 96,226 वोटों के अंतर से जीत हासिल की । कोलकाता उत्तर क्षेत्र की जनसंख्या 1,778,600 है और यह सौ फीसदी शहरी आबादी है। कोलकाता उत्तर संसदीय क्षेत्र में 2014 में 1,433,985 मतदाता थे। जिनमें पुरुषों की संख्या 797,437 और महिलाओं की संख्या 636,548 थी। कोलकाता उत्तर लोकसभा सीट में अनुसूचित जाति की आबादी 4.84 और अनुसूचित जनजाति का प्रतिशत 0.18 है।

कोलकाता श्रमिकों, कामरेडों और ट्रेड यूनियन का शहर माना जाता रहा है। लेकिन कोलकाता उत्तर लोक सभा क्षेत्र में शहरी मतदाताओं खासकर व्यापारियों का वर्चस्व है। कोलकाता उत्तर लोक सभा के वजूद में आने के बाद यहाँ हुए दो चुनावों में टीएमसी की जीत हुई। लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी दूसरे नंबर पर रही थी। इसी लिए यहां पर बीजेपी ने पूरा जोर लगा दिया है। 1 फरवरी को लोक लुभावन बजट पेश करने के अगले दिन ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बंगाल के दुर्गापुर और चौबीस परगना में रैली में नरेन्द्र मोदी ने ममता बनर्जी पर हमला बोला। दुर्गापुर रैली मने भरी भीड़ से गदगद नजर ए मोदी और बीजेपी को किसानो और श्रमिकों का हितैषी बताया।
पिछले चुनाव में कोलकाता उत्तर संसदीय सीट पर बीजेपी के अच्छे प्रदर्शन के कारण पार्टी इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रही है। कोलकाता उत्तर लोक सभा क्षेत्र का गठन परिसीमन आयोग के सुझाव के बाद 2008 में किया गया। पहले यह इलाका कोलकाता संसदीय क्षेत्र के तहत ही आता था। 2009 में पहली बार यहां लोकसभा चुनाव हुआ। इस चुनाव में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार सुदीप बंदोपाध्याय ने सीपीएम के कद्दावर नेता मोहम्मद सलीम को पराजित कर दिया। सुदीप बंदोपाध्याय को 460646 वोट मिले तो मोहम्मद सलीम को 351368। इसके बाद मोहम्मद सलीम ने अपना क्षेत्र बदल दिया। 2014 के लोक सभा चुनाव में पुनः सुदीप बंदोपाध्याय को जीत हासिल हुई। 66 वर्षीय सुदीप बंदोपाध्याय विज्ञान में स्नातक हैं। उन्होंने केएन कॉलेज, बेरहामपुर से पढ़ाई की। दिसंबर 2018 तक सुदीप बंदोपाध्याय ने संसद में 50 डिबेट्स में भाग लिया। अपने लोकसभा क्षेत्र में भी वह लगातार सक्रिय हैं। बीजेपी की चुनौती को भांपते हुए वह अपने लोकसभा क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय हैं।
यह इलाका पश्चिम बंगाल की आर्थिक गतिविधियों का केंद्र है. 2019 का चुनाव यहां के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। यहां पर बीजेपी अपने को मजबूत करने में जुटी है। हालांकि ममता बनर्जी की ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को कम करके नहीं आंका जा सकता। सीपीएम भी कमजोर तो हुई है लेकिन खत्म नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर भाजपा यही रफ्तार बरकरार रखती है तो पार्टी राज्य में चार दशक पुराने राजनीतिक समीकरणों में उलटफेर कर सकती है।












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