लोकसभा चुनाव 2019: डिंडोरी लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की डिंडोरी लोकसभा सीट से भाजपा नेता छवन हरीशचंद्र दियोराम सांसद हैं, जिन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर एनसीपी नेता भारती प्रवीन पवार को 25, 76, 19 वोटों से हराया था। छवन हरीशचंद्र दियोराम को 54,27,84 वोट मिले तो वहीं भारती प्रवीन पवार को 29,51,65 वोटों पर संतोष करना पड़ा था, इस सीट पर कम्यूनिस्ट पार्टी के हेमंत मोतीराम 72,599 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर एनसीपी, नंबर तीन पर CPM औऱ नंबर 4 पर बसपा थी, उस साल यहां कुल मतदाताओं की संख्या 15,30,139 थी, जिसमें से मात्र 9,70,182 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिनमें पुरुषों की संख्या 5,46,989 और महिलाओं की संख्या 4,23,193 थी। डिंडोरी में 85 प्रतिशत लोग हिंदू धर्म में आस्था रखते हैं।

डिंडोरी लोकसभा सीट का इतिहास
परिसीमन के बाद यह लोकसभा सीट अस्तित्व में आई और साल 2009 में यहां पहली बार आम चुनाव हुए जिसे कि भाजपा नेता छवन हरीशचंद्र दियोराम ने जीता और उनका राज साल 2014 में भी बरकरार रहा । 1951 को नासिक जिले के प्रतापगढ़ गांव में जन्मे छवन हरीशचंद्र दियोराम के राजनीतिक करियर की शुरुआत 1995 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में विजयी होने के साथ हुई थी। इसके बाद 2004 में वे लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। इस कार्यकाल में वे कोयला एवं स्टील, मानव संसाधन विकास समितियों के सदस्य भी रहे। 2009 के लोकसभा चुनाव में वो फिर से निर्वाचित हुए और इस बार उन्हें वित्त समिति का सदस्य बनाया गया। साल 2014 के चुनाव में एक बार फिर से उन्हें विजय श्री हासिल हुई और वो लोकसभा पहुंचे, वो अनुसूचित जाति और जनजाति कल्याण समिति के सदस्य भी रह चुके हैं। दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में उनकी उपस्थिति 87 प्रतिशत रही है, इस दौरान इन्होंने 33 डिबेट में हिस्सा लिया और 602 प्रश्न पूछे हैं।
डिंडोरी, परिचय-प्रमुख बातें-
महराष्ट्र के प्राचिन स्थानों में से एक डिंडोरी अंगूर की खेती के लिए पूरे भारत में मशहूर है। डिंडोरी आध्यात्मिकता का केंद्र भी है, यहां पर "स्वामी समर्थ केंद्र" है, जिसे श्री सदगुरू पीठाले महाराज द्वारा स्थापित किया गया था, डिंडोरी की जनसंख्या 704,524 है, जिसमें से पुरुषों की संख्या 351,913 और महिलाओं की संख्या 352,611 है, यहां कि 89 प्रतिशत आबादी गांव में रहती है और 10 प्रतिशत लोग शहरों में निवास करते हैं और 7 प्रतिशत आबादी यहां SC और 36 प्रतिशत लोग ST वर्ग के हैं। डिंडोरी लोकसभा सीट ST के लिए आरक्षित है। इस संसदीय क्षेत्र में विधानसभा की 6 सीटें आती हैं। यहां की औसत साक्षरता दर 63 प्रतिशत है, जिसमें पुरुषों की साक्षरता दर 75 प्रतिशत और महिलाओं की साक्षरता दर 52 प्रतिशत है।
गौरतलब है कि इस बार कांग्रेस औऱ एनसीपी दोनों साथ में मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। इस वक्त राज्य में सियासी हालत बदले हुए हैं, ऐसी सूरत में क्या भारतीय जनता पार्टी यहां जीत की हैट्रिक पूरी कर पाएगी, यह एक बड़ा सवाल है, जिसका जवाब जानने के लिए हमें चुनावी नतीजों का इंतजार करना होगा, फिलहाल इसमें कोई शक नहीं कि इस बार इस सीट पर जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा, जिसमें जीत उसकी होगी जिसे जनता का प्यार औऱ साथ मिलेगा।












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