लोकसभा चुनाव 2019: मुंबई नार्थ सेंट्रल लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की मुंबई नार्थ सेंट्रल सीट यानी कि उत्तर-मध्य मुंबई लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा नेता पूनम महाजन हैं। साल 2014 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस की प्रिया सुनील दत्त को 186, 771 वोटों से पराजित किया था। पूनम को इस सीट पर 478, 535 वोट मिले थे तो वहीं प्रिया दत्त को 291, 764 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। साल 2014 के चुनाव में यहां कुल मतदाताओं की संख्या 17,38,894 थी, जिसमें से मात्र 8,45,292 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 4,72,265 और महिलाओं की संख्या 3,73,027 थी। आपको यहां यह भी बता दें कि साल 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा और शिवसेना ने साथ लड़ा था।

उत्तर-मध्य मुंबई लोकसभा सीट का इतिहास
साल 1962 से लेकर साल 1971 तक यहां पर कांग्रेस का कब्जा रहा है, 1973 में इस सीट पर पहली बार उपचुनाव हुए जिसे कि कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ने जीता था, उसका जलवा 1977 तक यहां बरकरार रहा तो वहीं 1980 का चुनाव जनता पार्टी ने जीता लेकिन 1984 के चुनाव में यहां कांग्रेस की वापसी हुई, साल 1989 का चुनाव यहां पहली बार शिवसेना ने जीता , हालंकि इसको दो साल बाद हुए चुनाव में कांग्रेस को यहां सफलता मिली लेकिन 1996 के चुनाव में यहां शिवसेना ने वापसी की, साल 1998 का चुनाव इस सीट पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ने जीता लेकिन 1999 के चुनाव में ये सीट एक बार फिर से शिवसेना के ही पास चली गई, साल 2004 से लेकर साल 2009 तक यहां पर कांग्रेस का राज रहा, साल 2009 का चुनाव यहां पर मशहूर दिवंगत नेता सुनील दत्त की बेटी प्रिया दत्त ने जीता था लेकिन साल 2014 के चुनाव में प्रिया दत्त को भाजपा नेता पूनम महाजन के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी।
प्रमोद महाजन का लोकसभा में प्रदर्शन
पूनम महाजन राव, दिवंगत बीजेपी नेता प्रमोद महाजन की बेटी हैं, 2009 में पहली बार घाटकोपर वेस्ट से उन्होंने सांसद का चुनाव लड़ा था लेकिन वो सफल नहीं हो पाई थीं। दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों में पूनम महाजन की लोकसभा में उपस्थिति 79 प्रतिशत रही है और इस दौरान उन्होंने 30 डिबेट में हिस्सा लिया है और 413 प्रश्न पूछे हैं।
देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई का नाम 'मुंबा देवी' के नाम पर पड़ा है, मुंबई नार्थ सेंट्रल सीट में 6 विधानसभा सीटें आती हैं, सपनों की नगरी या मायानगरी के नाम से संबोधित किए जाने वाले इस शहर को भारत में अंग्रेजी हुकूमत के आगमन के साथ ही मुख्य बंदरगाह शहर के रूप में विकसित किया गया था। ब्रिटिश काल के दौरान भारतीय उत्पादित माल इन रास्तों से विश्व के कोने-कोने तक पहुंचता था। यही वजह है कि आज भी मुंबई को भारत के सबसे बड़े औद्योगिक शहरों में गिना जाता है। उत्तर-मध्य मुंबई की जनसंख्या 42,27,269 है, जिसमें से मात्र 6 प्रतिशत लोग sc वर्ग के हैं। आंकड़ों से साफ है कि इस सीट पर जंग कांग्रेस बनाम शिवसेना और भाजपा के बीच ही होती रही है, कभी सफलता कांग्रेस को मिली है तो कभी शिवसेना या भाजपा को, कुल मिलाकर कर कहा जा सकता है कि इस सीट पर मुकाबला बराबरी का ही रहा है, देखते हैं इस बार इस सीट का सिकंदर कौन बनता है।
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