लोकसभा चुनाव 2019: मुंबई नार्थ-वेस्ट लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की मुंबई नार्थ-वेस्ट लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद शिवसेना के गजानंद कीर्तिकर हैं। उन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के गुरुदास कामत को 183, 028 वोटों से हराया था, गजानंद कीर्तिकर को 464, 820 वोट मिले थे तो वहीं गुरुदास कामत को 281, 792 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर आप' के मयंक गांधी और फिल्म निर्देशक महेश मांजरेकर ने भी चुनाव लड़ा था। साल 2014 के चुनाव में यहां कुल मतदाताओं की संख्या 17,75,428 थी, जिसमें से मात्र 8,95,517 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिनमें पुरुषों की संख्या 5,03,191 और महिलाओं की संख्या 3,92,326 थी।

मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट का इतिहास
देश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले मुंबई का नाम 'मुंबा देवी' के नाम पर पड़ा है, मुम्बई उत्तर पश्चिम में 6 विधानसभा सीटें आती हैं और इसकी आबादी 31,28,688 है, जिसमें से 4 प्रतिशत लोग SC और 1 प्रतिशत ST हैं। सपनों की नगरी या मायानगरी के नाम से संबोधित किए जाने वाले इस शहर को भारत में अंग्रेजी हुकूमत के आगमन के साथ ही मुख्य बंदरगाह शहर के रूप में विकसित किया गया था। ब्रिटिश काल के दौरान भारतीय उत्पादित माल इन रास्तों से विश्व के कोने-कोने तक पहुंचता था।
यही वजह है कि आज भी मुंबई को भारत के सबसे बड़े औद्योगिक शहरों में गिना जाता है। मराठी और गुजराती आबादी के साथ ही उत्तर-भारतीय, मुस्लिम, दलितों की मौजूदगी वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में जुहू और विले पार्ले पश्चिम भी आता है, जो अभिनेता अमिताभ बच्चन जैसे अदाकार के साथ ही टेलीविजन के कई कलाकारों का ठिकाना है। इस निर्वाचन क्षेत्र में 1977 और 1980 को छोड़कर हमेशा से ही कांग्रेस का राज रहा है। 1977 में जनता पार्टी की लहर के दौरान उसके टिकट पर प्रख्यात वकील राम जेठमलानी यहां से जीते थे। साल 1980 में जेठमलानी ने भाजपा के टिकट पर यहां से जीत दर्ज की थी।
अभिनेता से नेता बने दिवंगत सुनील दत्त ने साल 1984 में कांग्रेस के टिकट पर यहां से चुनाव जीता था, वो लगातार तीन बार इस सीट से सांसद चुने गए लेकिन साल 1996 में यहां पर शिवसेना ने जीत दर्ज की और उसका राज साल 1998 तक यहां रहा। लेकिन साल 1999 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस के साथ-साथ सुनील दत्त की वापसी हुई और साल 2004 के चुनाव में भी उन्हीं का यहां पर राज रहा। साल 2005 में इस सीट पर उपचुनाव हुए जिसमें अभिनेता सुनील दत्त की बेटी प्रिया दत्त ने विजय हासिल की, उन्होंने शिवसेना के सरपोतदार को 1.71 लाख वोटों से हराया था। साल 2009 में यहां पर कांग्रेस के गुरुदास कामत को सफलता मिली लेकिन साल 2014 के चुनाव में कामत को शिवसेना के गजानंद कीर्तिकर ने हरा दिया।
गजानंद कीर्तिकर का लोकसभा में प्रदर्शन
गजानंद कीर्तिकर सांसद होने के साथ-साथ रेलवे की स्थाई समिति के सदस्य भी हैं, दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच सालों में गजानंद की लोकसभा में उपस्थिति 79 प्रतिशत रही है और इस दौरान उन्होंने 69 डिबेट में हिस्सा लिया है और 958 प्रश्न पूछे हैं।
इस सीट पर शुरु से ही कांग्रेस बनाम शिवसेना की जंग देखी गई है, हालांकि आंकड़ों के हिसाब से यहां कांग्रेस पार्टी का पलड़ा भारी है लेकिन मोदी लहर की वजह से उसे साल 2014 के चुनाव में यहां पर हार झेलनी पड़ी थी लेकिन इस बार उसकी पूरी कोशिश अपनी हार का बदला लेने की यहां होगी, देखते हैं कि वो इसमें कामयाब हो पाती है या नहीं। चलते-चलते आपको यहां ये भी बता दें कि साल 2014 का आम चुनाव भाजपा और शिवसेना ने मिलकर लड़ा था।
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