लोकसभा चुनाव 2019: लुधियाना लोकसभा सीट के बारे में जानिए
पंजाब की लुधियाना लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद कांग्रेस के रवनीत सिंह हैं। उन्होंने 18 मई 2014 को अपने सांसद पद की शपथ ली थी। यह दूसरी बार था जब वह लोकसभा में पहुंचे। 43 साल के युवा सांसद रवनीत सिंह को जनता ने 300459 वोट दिए थे। वहीं, इस सीट से दूसरे नंबर पर रहे थे हरविंदर सिंह फूलका,जो आम आदमी पार्टी की टिकट से चुनाव लड़ रहे थे। उन्हें यहां से 280750 वोट मिले थे और इस तरीके से कांग्रेस पार्टी यहां से 19709 वोटों से जीत गई थी। साल 2009 में यहां से मनीष तिवारी सांसद बने थे लेकिन 2014 में कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रत्याशी बदल लिया।

लुधियाना लोकसभा सीट का इतिहास
साल 1951 से 1957 तक यहां इंडियन नेशनल कांग्रेस की सीट से बहादुर सिंह सांसद रहे। 1957 में यहां से अजीत सिंह सरहदी को जीत मिली। 1962 में यहां पहली बार अकाली दल की सीट से कापूर सिंह जीते। वहीं, 1967 से 1971 तक कांग्रेस के देवेंद्र सिंह लगातार जीते रहे। 1977 में दोबारा से अकाली दल की वापसी हुई और जगदेव सिंह जीत कर लोकसभा पहुंचे। 1980 में देवेंद्र सिंह को फिर से जीत मिली और कांग्रेस पार्टी दोबारा से यहां सत्ता में लौटी। 1985 में शिरोमणि अकाली दल को यहां से जीत मिली और लगातार पार्टी यहां से जीती गई लेकिन नेता बदलते रहे। 1985 में रंजीत सिंह ढिल्लों, 1989 में राजेंद्र कूलर को जीत मिली,1998 में अमृत सिंह को जीत मिली। 1999 में कांग्रेस की वापसी हुई और गुरचरण सिंह ढिल्लोन को जीत मिली। साल 2004 में शरनजीत सिंह ढिल्लोन को अकाली दल की सीट से जीत मिली। और 2009 में यहां से मनीष तिवारी, कांग्रेस की सीट से चुनाव जीते। मनीष तिवारी यहां से जीत कर लोकसभा पहुंचे वहीं बाद में उन्हें मंत्री भी बनाया गया था यूपीए-2 में मनमोहन सरकार में मनीष तिवारी मंत्री भी रहे थे।
पंजाब की लुधियाना सीट से सांसद रवनीत सिंह ने संसद में 52 डिबेट्स में भाग लिया है। उन्होंने 4 प्राइवेट मेंबर बिल संसद के पटल पर रखे हैं। वहीं, आपनी जनता के लिए 455 सवाल भी पूछे हैं। लोकसभा में उनकी मौजूदगी 89 फ़ीसदी रही है। ये आंकड़े दिसंबर 2018 तक हैं। अभी देखना होगा कि साल 2019 में यहां से कौन जीत पाता है और जीत कर लोकसभा में जाता है।












Click it and Unblock the Notifications