लोकसभा चुनाव 2019- खगड़िया लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: बिहार की खगड़िया लोकसभा सीट से लोक जनशक्ति पार्टी के नेता चौधरी महबूब अली कैसर सांसद हैं, साल 2014 के चुनाव में उन्होंने ये सीट आरजेडी की कृष्णा कुमारी यादव को 76,003 वोटों से हराकर हासिल की थी। केले, मक्का और मिर्ची की खेती के लिए मशहूर खागरिया बिहार के खास जिलों में से एक है, कहा जाता है कि पांच शताब्दी पूर्व मुगल शासक के राजा अकबर ने अपने मंत्री टोडरमल को यह निर्देश दिया कि वह सम्पूर्ण साम्राज्य का एक मानचित्र तैयार करें लेकिन टोडरमल इस क्षेत्र का मानचित्र तैयार करने में सफल नहीं हो सके क्योंकि यह जगह कठिन मैदानों, नदियों और सघन जंगलों से घिरी हुई थी, इस बात से आप इसकी भौगोलिक स्थिति का अंदाजा लगा सकते है, वैसे ये धरती स्वतंत्रता सेनानी रामसेवक सिंह की वजह से भी पूरे भारत में मशहूर है, इस जगह की आबादी साल 2011 के मतगणना के अनुसार 26,01,356 है, जिसमें पुरूषों की संख्या 7,93,168 और महिलाओं की संख्या 6,98,900 है।

खगड़िया लोकसभा सीट का इतिहास
साल 1957 में इस सीट पर पहली बार आम चुनाव हुए, जिसे कांग्रेस ने जीता था और जियालाल मंडल यहां से पहले सांसद बने थे। साल 1962 के चुनावों में भी उनका ही प्रभुत्व रहा तो वहीं साल 1967 के चुनाव में यहां पर समयुक्ता सोशलिस्ट पार्टी ने जीत अर्जित की और 1971 के चुनाव में भी उसका ही राज बरकरार रहा। साल 1977 में यहां पर जनता पार्टी के ज्ञानेश्वर प्रसाद यादव विजयी हुए, इसके बाद साल 1980 में यहां कांग्रेस की वापसी हुई और 1984 के चुनाव में भी उसका प्रभुत्व विद्यमान रहा लेकिन साल 1989 में यहां जनता दल के राम शरण यादव भारी मतों से जीते और साल 1991 के चुनाव में भी वो यहां से सांसंद चुने गए। साल 1996 के चुनाव में भी यहां जनता दल की जीत के साथ हैट्रिक हुई लेकिन इस बार सांसद बने थे अनिल कुमार यादव, साल 1998 के चुनाव में यहां पर समता पार्टी ने अपना खाता खोला लेकिन 1999 के चुनाव में जनता दल यूनाइटेड की रेणु कुमारी सिंह यहां से जीत गई। साल 2004 के चुनावों में राजद के रविंद्र कुमार राणा यहां से विजयी हुए लेकिन साल 2009 में फिर से ये सीट जनता दल यूनाइटेड के पास चली गई। वहीं 2014 के चुनाव में इस सीट पर लोकजनशक्ति पार्टी ने जीत के साथ अपना खाता खोला और चौधरी महबूब अली कैसर यहां से लोकसभा पहुंचे।
महबूब अली कैसर का लोकसभा में प्रदर्शन
बिहार के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय श्री चौधरी सलाहुद्दीन के पुत्र महबूब अली कैसर आम चुनाव 2014 के ठीक पहले लोक जनशक्ति पार्टी में शामिल हुए थे क्योंकि कांग्रेस ने उन्हें टिकट देने से इंकार कर दिया था और इसी वजह से उन्होंने नाराज होकर ये कदम उठाया था। दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में महबूब अली कैसर की उपस्थिति 88 प्रतिशत रही है और इस दौरान उन्होंने मात्र 2 डिबेट में हिस्सा लिया है और केवल 4 प्रश्न पूछे हैं।
साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर आरजेडी, नंबर 3 पर जेडीयू और नंबर 4 पर सीपीएम रही थी। उस साल यहां मतदाताओं की संख्या 14 लाख 92 हजार 68 थी, जिसमें से मात्र 8 लाख 96 हजार 23 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 4 लाख 45 हजार 965 और महिलाओं की संख्या 4 लाख 50 हजार 266 थी। खगड़िया में 89 प्रतिशत हिंदू और 10 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है।
साल 2014 में बीजेपी ने बिहार में 30 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 22 पर जीत हासिल की थी, वहीं एलजेपी ने छह सीटें और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) ने तीन सीटें जीती थीं, अब हालात बदल गए हैं इस बार रालोसपा अब आरजेडी-कांग्रेस के महागठबंधन का हिस्सा है तो वहीं जेडीयू और लोजपा एनडीए के साथ है, ऐसे में इस सीट का सरताज अब कौन होगा, इसकी उत्सुकता सबको है, देखते हैं इस बार यहां की जनता किसके नाम पर मुहर लगाती है।












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