लोकसभा चुनाव 2019: होशंगाबाद लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: मध्यप्रदेश की होशंगाबाद लोकसभा सीट से सांसद भाजपा के उदय प्रताप सिंह हैं। उन्होंने साल 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस के देवेंद्र पटेल को 389960 वोटों से हराया था। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर कांग्रेस, नंबर 3 पर आप और नंबर 4 पर बसपा थी। 2014 में यहां कुल मतदाताओं की संख्या 15 लाख 68 हजार 127 थी, जिनमें से मात्र 10 लाख 31 हजार 175 लोगों ने अपने मत का प्रयोग किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 5,93,957 और महिलाओं की संख्या 4,37,218 थी। होशंगाबाद की 94 प्रतिशत जनसंख्या हिंदू धर्म में और 4 प्रतिशत मुस्लिम धर्म में भरोसा रखती है। मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले का नाम नर्मदापुरम के शासक होशंग शाह के नाम पर रखा गया था, जबकि प्राचीन नाम इसका नर्मदापुरम है। ये भोपाल से लगभग 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, यहां की जनसंख्या 23 लाख 90 हजार 546 है, जिसमें से 74 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में और 25 प्रतिशत जनसंख्या शहरों में निवास करती है।

होशंगाबाद लोकसभा सीट का इतिहास
सियासी और प्राकृतिक रूप से महत्वपूर्ण इस जिले में सबसे पहला आम चुनाव 1952 में हुआ था, जिसे की प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के हरि विष्णु कामथ ने जीता था और उन्हें यहां के पहले सांसद होने का गौरव हासिल हुआ। हालांकि 1957 के चुनाव में यहां कांग्रेस जीती लेकिन 1962 का चुनाव फिर से प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने जीता उसके बाद 1967 और 1971 में यहां पर कांग्रेस का ही राज रहा तो 1977 के चुनाव में भारतीय लोकदल को यहां जीत नसीब हुई। 1980 और 1984 दोनों ही चुनावों में यहां कांग्रेस जीती, जबकि साल 1989 के चुनाव में यहां पहली बार भाजपा की जीत के साथ एंट्री हुई और सरताज सिंह यहां के सांसद बने और वो 1991, 1996 और 1998 के चुनावों में भी यहां से लगातार एमपी चुने गए, साल 1999 के चुनाव में यहां से भाजपा जीती लेकिन इस बार यहां से सांसद बने सुंदरलाल पटवा, जबकि साल 2004 के चुनाव में यहां से फिर सरताज सिंह ही सांसद बने लेकिन साल 2009 के चुनाव में यहां कांग्रेस जीत गई और उदय प्रताप सिंह सांसद चुने गए, साल 2014 के चुनाव में भी यहां उदय प्रताप सिंह ही विजयी हुए लेकिन इस बार वो कांग्रेस के टिकट पर नहीं बल्कि भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे।
उदय प्रताप सिंह का लोकसभा में प्रदर्शन
साल 2014 के चुनावों से पहले उदय प्रताप सिंह अपने एक दर्जन से अधिक समर्थकों सहित बीजेपी में शामिल हो गए थे, उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था। दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान उदय प्रताप सिंह की उपस्थिति लोकसभा में 90 प्रतिशत रही है तो वहीं इस दौरान उन्होंने 45 डिबेट में हिस्सा लिया है और 244 प्रश्न पूछे हैं।
सांसद उदय प्रताप सिंह की इस सीट पर दो बार लगातार बंपर जीत होना इस बात को सत्यापित करता है कि होशंगाबाद की जनता ने जाति और पार्टी से ऊपर उठकर उम्मीदवार के लिए वोट किया है। उसे फर्क नहीं पड़ता कि वो जिसे जीता रहे हैं कि वो किस पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं इसलिए पार्टी नहीं यहां प्रत्याशी अहम रहा है, ऐसे में इस बार कांग्रेस यहां अपनी हार को जीत में कैसे बदल पाएगी, ये एक बड़ा सवाल है तो वहीं देखना यहां ये भी दिलचस्प होगा कि भाजपा यहां दोबारा से जीतने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।












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