लोकसभा चुनाव 2019: फिरोजाबाद लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की फिरोज़ाबाद लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के चचेरे भाई अक्षय यादव सांसद हैं। साल 2014 के चुनाव में भाजपा नंबर दो , बीएसपी नंबर 3 पर और कांग्रेस नंबर 4 पर रही थी।

फिरोज़ाबाद लोकसभा सीट का इतिहास
फ़िरोज़ाबाद लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत 5 विधान सभा क्षेत्र आते हैं। ये विधानसभा सीटें टूंडला, जसराना, फ़िरोज़ाबाद, शिकोहाबाद और सिरसागंज हैं। टूंडला विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। साल 1957 में मुरादाबाद में पहली बार लोकसभा के आम चुनाव हुए, जिसमें निर्दलीय नेता ब्रज राज सिंह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के चौधरी रघुबीर सिंह को हरा कर फ़िरोज़ाबाद के पहले सांसद बने। 1962 में इस सीट पर कोई चुनाव नहीं हुए और ब्रज राज सिंह का कार्यकाल बढ़ गया। साल 1967 के चुनाव में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के शिव चरण लाल यहां के दूसरे सांसद बने। 1971 में कांग्रेस ने पहली बार अपना खाता यहां खोला और कांग्रेस नेता छत्रपति अम्बेश यहां से सांसद चुने गए।
1991 में भारतीय जनता पार्टी ने इस क्षेत्र में अपना वर्चस्व स्थापित किया और प्रभु दयाल कठेरिया फ़िरोज़ाबाद के सांसद बने। कठेरिया ने इस लोकसभा सीट पर लगातार 3 लोक सभा चुनावों में जीत हासिल की और 7 सालों तक यहां से एमपी रहे। 1999 में राम जी लाल सुमन, समाजवादी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़े और प्रभु दयाल कठेरिया को हरा कर फ़िरोज़ाबाद के सांसद बने। 2009 में समाजवादी पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष अखिलेश यादव यहां के लोक सभा चुनाव में जीते और उसी वर्ष इस्तीफा दे कर कन्नौज सीट के लिए लड़े। 2009 के उपचुनाव में कांग्रेस नेता और अभिनेता राज बब्बर ने यहां पर जीत हासिल की।
अक्षय यादव
अक्षय यादव ने पिछले पांच सालों के दौरान लोकसभा में 71 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान उन्होंने सदन की 10 डिबेट में हिस्सा लिया। अक्षय यादव ने लोकसभा में सिर्फ एक सवाल पूछा।
फिरोजाबाद एक परिचय: प्रमुख बातें
फिरोजाबाद 'सुहाग नगरी' के नाम से प्रसिद्ध है।
यहां की चूड़ियां दुनिया भर में मशहूर हैं
फिरोजाबाद में साक्षरता दर 71.92% है, जिसमें पुरुष साक्षरता दर 80.82% और महिला साक्षरता दर 61.75%
साल 2014 के चुनावों में 1636738 मतदाताओं ने हिस्सा लिया
55 प्रतिशत पुरुष और 44 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान में की भागेदारी












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