लोकसभा चुनाव 2019: जानिए लोकसभा सीट एर्नाकुलम के बारे में
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले हम आपको अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग लोकसभा सीटों के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इसी क्रम में आज हम बात कर रहे हैं केरल के बेहद खास और लोकप्रिय लोकसभा एर्नाकुलम के बारे में। एर्नाकुलम शहर कोच्चि के अंदर एक शहरी इलाका है। यह केरल का कमर्शल हब के तौर पर मशहूर है। कांग्रेस ने यह सीट 11 बार अपने नाम की है। 2009 में भी इस सीट से कांग्रेस को जीत मिली और पार्टी के केवी थॉमस चुनाव जीतकर यहां से सांसद बने। वहीं साल 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपनी जीत को दोहराया और एक बार फिर से एर्नाकुलम सीट से भारी मतों से जीत हासिल की और फिर से जीत हासिल कर लोकसभा पहुंचे।

एर्नाकुलम सीट का सांस्कृतिक महत्व
एर्नाकुलम लोकसभा सीट के बारे में जानने से पहले इसके इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक महत्व और पर्यटन स्थनों पर एक नजर डालते हैं। एर्नाकुलम कोच्चि स्रमाज्य की राजधानी रही है। राजधानी तिरुवनंतपुरम से 220 किमी नार्थ वेस्ट में स्थित एर्नाकुलम केरल के मुख्य व्यावसायिक केंद्रों में से एक है। इसे केरल का आर्थिक और वित्तीय केंद्र के तौर पर जाना जाता है। जहां का मुख्य पेशा व्यापार है। इस शहर में स्मार्ट सिटी, आईटी पार्क की भरमार है। लगभग सभी बड़ी कंपनियों ने यहां निवेश किया है। जहां ट्यूरिज्म ने भी एर्नाकुलम के व्यापार के विकास में बड़ी भूमिका निभाई है। हर साल लाखों के तादात में देश और विदेश से पर्यटक यहां आते हैं, जिसकी वजह से इस इलाके का विकास तेजी से हो रहा है। यहां की प्राचीन मंदिर, ओल्ड चर्च और यहां की सभ्यता इसे डोमेस्टिक ट्यूरिज्म में नबंर 1 बनाते हैं। व्यापीन आइसलैड यहां के लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा है।
पर्यटन स्थल
एर्नाकुलम कोच्चि का सबसे शहरी भाग है । ये क्षेत्र केरल राज्य की वाणिज्यिक राजधानी कहलाता है। केरल हाईकोर्ट, कोचिंग कॉरपोरेशन का कार्यालय और कोचीन स्टॉक एक्सचेंच यहाँ स्थित है। शहर मे कई मलयाली उद्यमियों के लिए इनक्यूबेटर के रूप मे काम किया है और केरल के एक प्रमुख वित्तीय और वाणिज्यिक केंद्र है।
पर्यटन स्थलों के तौर पर देखें तो यहां का मरीन ड्राइव दुनियाभर के लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा है। इसके अलावा दरबार हॉल ग्राउंड,सुभाष पार्क, महात्मा गांधी रोड कुछ खास इलाके हैं। इसके अलावा पौराणिक मंदिर, चर्च, मस्जिदें, आराधनालय आदियों से संपन्न यह शहर श्री शंकराचार्य की जन्मभूमि भी है। इस वजह से यह स्थान सामान्य पर्यटकों के साथ ही विद्वानों और इतिहासकारों के आकर्षण का केंद्र भी है। इसे अरब सागर की महारानी के नाम से भी जानते हैं। यहां के बंदरगाह में प्रवेश करते ही आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। यहां पर आकर आप केरल की बैकवाटर संपत्ति को जी भरकर देख सकते हैं। मछली पकड़ने के लिए यहां पर चीनी शैली के बने जालों का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हें सबसे पहले कुबल खान रियासत के लोगों ने यहां लाकर उपयोग करना शुरू किया था।
एर्नाकुलम सीट की राजनीतिक स्थिति
एर्नाकुलम लोकसभा सीट 1951 से ही अस्तित्व में है, पहली बार 1951 में यहां लोकसभा चुनाव हुए थे, जिसमें कांग्रेस के सीपी मैथ्यू ने जीत हासिल की थी। इस सीट पर कांग्रेस ने 11 बार जीत हासिल की है, तो वहीं CPI(M) ने एक बार और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 बार जीत हासिल की है। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के केवी थॉमस ने जीत हासिल की। केवी थॉमस ने निर्दलीय उम्मीदवार क्रिस्टी फर्नाडिंस को लगभग एक लाख वोटों से पराजित कर दोबारा से जीत हासिल की।
इर्नाकुलम सीट की कुल जनसंख्या 1654189 है, जिसमें से रूरल लोगों की तादात 8.72 प्रतिशक है तो वहीं अर्बन जनसंख्या 91.28% है। SC 7.28% और ST 0.37% हैं। मतदाताओं की संख्या की बात करें तो एर्नाकुलम सीट पर 1156467 मतदाता हैं, जिसमें 565809 पुरूष और 590658 महिला मतदाता है।












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