प्रियंका ने मोदी सरकार को बताया स्त्री विरोधी, कहा-विजय दिवस पर इंदिरा का नाम तक नहीं लिया
नई दिल्ली, 16 दिसंबर: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को आरोप लगाया कि 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को पाकिस्तान पर भारत की प्रचंड जीत के उपलक्ष्य में दिल्ली में आयोजित विजय दिवस समारोह में नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने बीजेपी सरकार को स्त्री जाति से द्वेष रखने वाली सरकार करार दिया है। इससे पहले राहुल गांधी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 50वें विजय दिवस पर इंदिरा गांधी के योगदान का जिक्र नहीं किया।

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प्रियंका गांधी ने गुरुवार को ट्वीट कर लिखा कि, हमारी पहली और एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भाजपा सरकार के विजय दिवस समारोह से बाहर रखा जा रहा है। यह उस दिन की 50वीं वर्षगांठ पर किया गया जब उन्होंने भारत को जीत दिलाई और बांग्लादेश को आजाद कराया। नरेंद्र मोदी जी, महिलाएं आपकी बातों पर विश्वास नहीं करतीं। आपका पितृसत्तात्मक रवैया अस्वीकार्य है। अब समय आ गया है कि आप महिलाओं को उनका हक देना शुरू करें।

वहीं देहरादून पहुंचे कांग्रेस नेता और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उनके परिवार ने देश के लिए कुर्बानी दी। उन्होंने कहा, मेरी दादी देश के लिए शहीद हुईं। देश की खातिर इंदिरा गांधी ने 32 गोलियां खुद पर लीं। 1971 को हुए भारत-पाकिस्तान युद्ध के 50 साल पूरे होने पर आयोजित सरकारी कार्यक्रमों में उनके नाम का कोई जिक्र नहीं किया गया, क्योंकि यह सरकार सच से डरती है।
वहीं, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद भवन के बाहर विजय चौक पर संवाददाताओं से कहा, बांग्लादेश की आजादी को 50 साल हो गए। बांग्लादेश की आजादी के लिए कांग्रेस की सरकार और खासकर इंदिरा गांधी जी ने जो प्रयास किया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। इंदिरा गांधी जी ने बांग्लादेश को गुलामी से मुक्त कराने के लिए पूरी ताकत के साथ काम किया है। खड़गे के मुताबिक, उस वक्त के विपक्षी नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा गांधी की तारीफ की थी और उन्हें 'दुर्गा का अवतार' बताया था।












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