'दहेज का फायदा, बदसूरत लड़कियों की भी हो जाती है शादी', नर्सिंग स्टूडेंट्स के सिलेबस पर बवाल
नई दिल्ली, 4 अप्रैल। नर्सिंग काउंसिल के पाठ्यक्रम (Nursing Council Syllabus) से दहेज प्रथा विषय को हटाने की मांग उठ रही है। शिवसेना नेता व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka chaturvedi) ने पुस्तक के एक पृष्ठ की तस्वीर शेयर की है, जिसमें दहेज से होने वाले लाभ और हानि का जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा है कि यह शर्म की बात है कि इस तरह की पुस्तकों में अब पाठ्यक्रम में जगह दी जा रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पुस्तक को प्रचलन से हटाने की मांग की है।

दहेज प्रथा के गुण और लाभ को सूचीबद्ध करने वाली एक पुस्तक का एक पृष्ठ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसको लेकर यह चर्चा हो रही है कि इस तरह की पुस्तकों से युवाओं और समाज को किस तरह का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। यह पुस्तक नर्सिंग काउंसिल कोर्स के लिए लिखी गई है। जिसकी लेखिका टी के इंद्राणी (T K Indrani) है। इसके कवर पेज पर लिखा है कि भारतीय नर्सिंग परिषद के पाठ्यक्रम (Nursing Council Syllabus) के अनुसार यह प्रकाशित की गई है।
नर्सिंग कोर्स में समाजशास्त्र के पाठ्यक्रम के तहत 'दहेज की योग्यता' के एक अनुभाग में दहेज के गुण और दोषों विषय में लिखा गया है। जिसमें यह बताया गया है कि किस पर बेजोड़ विवाह दहेज के बल पर करा दिए जाते हैं। इसमें सपन्न परिवार के लोग बदसूरत लड़कियों के लिए दहेज के बल पर एक सुंदर वर खोज लेते हैं। वहीं इस पर शिवसेना नेता व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल उठाए हैं।
टीके इंद्राणी की इस पुस्तक के एक पेज की तस्वीर साझा करने वाले सोशल मीडिया यूजर्स में शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी थीं, जिन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से ऐसी पुस्तकों को प्रचलन से हटाने का आह्वान किया और कहा कि हमारे पाठ्यक्रम में ऐसे विषयों की उपस्थिति एक शर्म की बात है।












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