सरकार ने बिजली सेक्टर को लेकर किए बड़े ऐलान, केंद्रशासित प्रदेशों में बिजली वितरण का निजीकरण
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने पीएम मोदी के 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज पर शनिवार को चौथी प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एविएशन, कोल और पावर सेक्टर में बड़े सुधार का ऐलान किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली कंपनियों का निजीकरण होगा। उपभोक्ताओं को उनके अधिकार, पर्याप्त बिजली होगी, बिजली कंपनियों का नुकसान उपभोक्ता को नहीं झेलनी पड़ेगी। बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि,इससे पावर जेनरेशन कंपनियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इनका चयन भी उसी आधार पर होगा, जिससे कि वो अच्छी सुविधाएं दे सके। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रीपेड बिजली के मीटर लगाए जाएंगे। जिससे बिजली की चोरी रुकेगी। सोशल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 8100 करोड़ रुपये का ऐलान किया गया है। बिजली क्षेत्र में सब्सिडी डीबीटी के जरिए दी जाएगी।
आपको बता दें कि संकट में फंसी बिजली वितरण कंपनियों यानी डिस्कॉम को 90,000 करोड़ रुपये की नगद मदद का ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ही तीसरी प्रेस कांन्फ्रेंस में किया था। राहत पैकेज की पहली किस्त में डिस्कॉम को ऋण मंजूरी को राज्य बिजली क्षेत्र में सुधार से संबद्ध किया गया था। इनमें उपभोक्ताओं द्वारा डिजिटल भुगतान, राज्य सरकार से लंबित बकाये का परिसमापन और बिजली वितरण कंपनियों के परिचालन और वित्तीय नुकसान को कम करने की योजना जैसे सुधार शामिल हैं।
देश में रक्षा साजोसामान बनाने वाले ऑर्डिनेंस फैक्टरी बोर्ड का कॉरपोरेटाइजेशन किया जाएगा। वित्त मंत्री ने साफ किया कि यह निजीकरण नहीं है। इससे बोर्ड के कामकाज में सुधार आएगा। हम उम्मीद करते हैं कि यह आगे सूचीबद्ध होगी जिससे आम नागरिकों को उसके शेयर खरीदने का मौका मिलेगा। इस क्षेत्र में स्वदेशीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा। रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा 49 फीसदी के बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी गई है।












Click it and Unblock the Notifications