बीएसएफ जवान तेज बहादुर के फेसबुक वीडियो पर पीएमओ ने मांगी जानकारी

बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव ने तीन दिन पहले फेसबुपर पर वीडियो डालकर पूरी दुनिया को बताया था कि उन्‍हें खराब गुणवत्‍ता का खाना दिया जाता है।

नई दिल्‍ली। बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव ने तीन दिन पहले फेसबुपर पर वीडियो डालकर पूरी दुनिया को बताया था कि उन्‍हें खराब गुणवत्‍ता का खाना दिया जाता है। अब इस वीडियो का संज्ञान खुद प्रधानमंत्री कार्यालय ने लिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने खराब खाने को लेकर रिपोर्ट मांगी है।

बीएसएफ जवान तेज बहादुर के फेसबुक वीडियो पर पीएमओ ने मांगी जानकारी

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने गह मंत्रालय से बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव की शिकायत संबंधी जानकारी की पूरी रिपोर्ट देने को कहा है। बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव के इस वीडियो को 30 लाख से ज्‍यादा लोग देख चुके हैं। बीएसएफ के जवान ने वीडियो जारी करते हुए यह शिकायत की थी कि उन्‍हें दाल, रोटी और पराठे सही तरह से नहीं दिए जाते हैं। आपको बताते चले कि गह मंत्रालय जवान की तरफ से जारी किए गए वीडियो की जांच कर रहा है। Read more: बीएसएफ के जवान तेज बहादुर ने आखिर क्यों उठाई सिस्टम के खिलाफ आवाज, ये है बड़ी वजह

जवान तेज बहादुर के परिवार ने आरोप लगाते हुए कहा कि अब बीएसएफ जवान को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है क्‍योंकि उन्‍होंने सच को उजागर किया है। वीडियो जारी करने के एक दिन बाद ही बीएसएफ जवान तेज बहादुर को एलओसी में पुंछ से वापस बुलाकर रजौरी में बटालियन में भेज दिया गया।

हरियाणा में रहने वाले तेज बहादुर के बड़े भाई हनुमान यादव ने बताया, 'हमारा परिवार एक सैनिकों का परिवार है। तेज बहादुर पांच भाईयों में सबसे छोटे हैं। हमारे एक बड़े भाई भी बीएसएफ की सेवा में हैं। हमारा एक भतीजा भी भारतीय सेना में है। हमारे दादाजी एक स्वतंत्रता सेनानी थे और उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सेना में रहकर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। अगर तेज बहादुर ने कोई मुद्दा उठाया है तो सिर्फ इसलिए, क्योंकि वह चाहता है कि हमारे सिस्टम में सुधार हो।' इसमें गलत तो कुछ भी नहीं है। आखिर क्या था पूरा मामला आपको बता दें कि हाल ही में तेज बहादुर यादव ने फेसबुक पर कुछ वीडियो शेयर किए थे। उन्होंने वीडियो के जरिए सेना में जवानों की स्थिति को दिखाने की कोशिश की। वीडियो में उन्होंने बताया कि चंद अफसरों की वजह से उन्हें किस हाल में नौकरी करनी पड़ती है। उन्हें जो खाना मिलता है उसकी क्वालिटी बेहद खराब होती है। सीमा पर तैनाती के दौरान उन्हें न तो ठीक से खाना मिलता है और न ही आराम। तेज बहादुर ने कहा कि भारत सरकार की ओर से उन्हें सभी वस्तुएं भेजी जाती हैं लेकिन अफसर इस सामान को बेच देते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से मामले की जांच कराने की अपील की थी। Read more: BSF जवान तेज बहादुर का नया ऑडियो सामने आया, कहा- बनाया जा रहा है शिकायत वापस लेने का दबाव

तेज बहादुर के आरोपों पर बीएसएफ ने कहा कि जवान का अतीत मुश्किलों भरा रहा है। अपने करियर के शुरूआती दिनों से ही उसे रोजाना काउंसलिंग की जरूरत थी। BSF की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि वो हमेशा से नियमों का उल्लंघन करता रहा है। वो बिना अनुमति के अनुपस्थित रहता है। इसके अलावा वह बहुत पहले से शराब का सेवन और अपने वरिष्ठ अधिकारियों से दुर्व्यवहार करता रहा है। बीएसएफ ने कहा कि इन्हीं वजहों से इस शख्स ने एक ही विशेष अधिकारी की जिम्मेदारी के तहत हेडक्वार्टर में अपनी सेवाए दी हैं। 'मेरे पति ने जो किया, वो सही किया' बीएसएफ अधिकारियों के इन आरोपों पर जवान तेज बहादुर की पत्नी ने अपने पति का बचाव किया। उनकी पत्नी शर्मिला ने कहा कि अगर उनके पति की मानसिक हालत सही नहीं थी तो फिर उन्हें बॉर्डर पर क्यों तैनात किया गया था? उनके हाथ में बंदूक क्यों दी गई? शर्मिला ने कहा कि रोटी की मांग करना गलत तो नहीं है। हमें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके पति ने जो किया वो सही किया, वही सच है। शर्मिला ने यह भी कहा कि फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि अधिकारी उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के नाम पर सिर्फ दिखावा किया जा रहा है।

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