राष्ट्रपति ने IAS ऑफिसर आशीष जोशी के निलंबन को किया रद्द, जानिए क्यों किया गया था सस्पेंड
नई दिल्ली, नवंबर 01। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने IAS अधिकारी आशीष जोशी के निलंबन को रद्द करते हुए उन्हें फिर से बहाल कर दिया है। आशीष जोशी को फिर से देहरादून में दूरसंचार विभाग में तैनाती मिलेगी। आपको बता दें कि आशीष जोशी को 2019 में दिल्ली पुलिस को वर्तमान में भाजपा के कपिल मिश्रा द्वारा एक कथित भड़काऊ वीडियो और एक ट्विटर पोस्ट को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहने पर सस्पेंड कर दिया गया था। इस पोस्ट में कपिल मिश्रा ने पत्रकार बरखा दत्त, कार्यकर्ता प्रशांत भूषण, कविता कृष्णन और शेहला राशिद पर कार्रवाई करने की बात कही थी।

फरवरी 2019 में सस्पेंड हुए थे आशीष जोशी
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, निलंबन रद्द होने के बाद अभी आशीष जोशी ने मीडिया से बात करने से इनकार किया है। आशीष जोशी को 26 फरवरी, 2019 को निलंबित कर दिया गया था, जब उन्होंने दिल्ली पुलिस आयुक्त से कपिल मिश्रा के खिलाफ 'नफरत फैलाने वाले वीडियो' को प्रसारित करने और कथित तौर पर IT एक्ट अधिनियम के उल्लंघन में YouTube और ट्विटर पर "देशद्रोहियों के खिलाफ" हमला करने के लिए लोगों को उकसाने का प्रयास किया था।
आशीष जोशी ने अपने निलंबन से एक हफ्ता पहले कथित तौर पर दूरसंचार ऑपरेटरों को "आपत्तिजनक या अश्लील संदेशों" पर नकेल कसने और ऐसे ग्राहकों के खिलाफ शिकायतें प्राप्त करने के लिए एक हेल्पलाइन स्थापित करने का आदेश दिया था। उनके कार्यों का संज्ञान लेते हुए, दूरसंचार विभाग ने जोशी पर आरोप लगाया कि उन्होंने मिश्रा के खिलाफ "शिकायत दर्ज करने के लिए आधिकारिक लेटरहेड का दुरुपयोग" करने का दावा किया।
आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उन्होंने "देशद्रोहियों" के खिलाफ "युद्ध छेड़ने" की कसम खाई थी। कपिल मिश्रा पहले AAP में शामिल थे और अभी वह भाजपा में शामिल है।












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