Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Premanand Ji Padyatra: अचानक बदल गया पदयात्रा का टाइम, बिगड़ गई है प्रेमानंद महाराज की तबीयत?

Premanand Ji Maharaj Padyatra Time: वृंदावन में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज, जिनकी एक झलक पाने के लिए भक्त रात भर सड़कों पर पलकें बिछाए रहते थे, अब अपनी पदयात्रा के समय में बदलाव कर चुके हैं। अब भक्ति का यह सैलाब आधी रात को नहीं, बल्कि ढलती शाम के सुनहरे अहसास के बीच उमड़ रहा है।

दशकों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, महाराज श्री रात करीब 2 बजे अपने निवास 'श्रीकृष्ण शरणम्' से 'श्रीराधा केलिकुंज' आश्रम तक पैदल जाते थे। लेकिन अब यह यात्रा शाम 5 बजे शुरू की गई है। 20 दिसंबर को जब अचानक समय बदला, तो भक्तों का उत्साह दोगुना नजर आया। सड़क के दोनों ओर रस्सियों से घेराबंदी की गई और भक्तों ने पूरे रास्ते को फूलों और रंगोली से सजा दिया।

Premanand Ji Maharaj Padyatra Time

क्यों लिया गया प्रेमानंद जी की पदयात्रा का समय बदलने का फैसला?

हालांकि आश्रम की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं:

कड़ाके की ठंड और स्वास्थ्य: महाराज श्री लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और नियमित डायलिसिस पर हैं। बढ़ती ठंड में उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

भक्तों की पीड़ा: रात की हाड़ कंपाने वाली ठंड में छोटे बच्चे और बुजुर्ग घंटों सड़क पर महाराज का इंतजार करते थे। भक्तों को इस कष्ट से बचाने के लिए महाराज ने शाम का समय चुना है।

नोट: समय बदलने से अब भक्तों की संख्या पहले के मुकाबले दोगुनी हो गई है, क्योंकि अब परिवारों के लिए दर्शन करना और भी आसान हो गया है।

ये भी पढ़ें: Premanand Maharaj: मुश्किल परिस्थिति में भी नहीं होगी करियर की चिंता, प्रेमानंद महाराज ने दिए सफलता के 3 मंत्र

दोपहर से ही सजने लगती है 'धरा'

पदयात्रा का समय बदलते ही वृंदावन की सड़कों का नजारा बदल गया है। अब श्रद्धालु दोपहर 2 बजे से ही सुनरख मोड़ पर जुटने लगते हैं। कोई अपने बच्चों को राधा-कृष्ण के रूप में सजाकर लाता है, तो कोई भजन-कीर्तन के जरिए माहौल को भक्तिमय बना देता है। जब ठीक 5 बजे महाराज बाहर निकलते हैं, तो पूरा इलाका 'राधे-राधे' के जयकारों से गूंज उठता है।

प्रशासन और सुरक्षा के नए इंतजाम

शाम के समय ट्रैफिक का दबाव अधिक होने के कारण मथुरा पुलिस की जिम्मेदारी बढ़ गई है। CO सदर संदीप सिंह के मुताबिक, अगर यह समय स्थायी रहता है, तो पदयात्रा के लिए एक विशेष रूट मैप (Route Map) तैयार किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय यातायात को परेशानी न हो।

संघर्षों के बीच भी नहीं रुकी भक्ति की राह

प्रेमानंद महाराज की यह पदयात्रा आस्था और संकल्प की मिसाल है। बीते कुछ समय में कई बार बाधाएं आईं:

  • जून 2025: निर्जला एकादशी पर बेकाबू भीड़ के कारण यात्रा रोकनी पड़ी थी।
  • अक्टूबर 2025: स्वास्थ्य बिगड़ने और डायलिसिस के चलते 12 दिनों का ब्रेक लेना पड़ा।
  • नवंबर 2025: सुरक्षा कारणों से भी कुछ दिन यात्रा स्थगित रही।

बावजूद इसके, महाराज का अपनी 'लाड़ली जू' राधारानी के प्रति समर्पण उन्हें हर बार सड़क पर वापस ले आता है।

ये भी पढ़ें: Premanand Maharaj: मुश्किल परिस्थिति में भी नहीं होगी करियर की चिंता, प्रेमानंद महाराज ने दिए सफलता के 3 मंत्र

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+