एस जयशंकर ने कहा- भारत पहले की तरह अफगान लोगों के साथ खड़ा होने को तैयार है
नई दिल्ली, 13 सितंबर। अफगानिस्तान में मानवीय स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र उच्च स्तरीय बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा अफगानिस्तान एक महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। इसकी राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सुरक्षा स्थिति में और इसके परिणामस्वरूप, इसकी मानवीय जरूरतों में एक बड़ा बदलाव आया है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा हमारी मित्रता सभी 34 (अफगान) प्रांतों में भारतीय विकास परियोजनाओं में परिलक्षित होती है। गंभीर आपात स्थिति में भारत पहले की तरह अफगान लोगों के साथ खड़ा होने को तैयार है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को सर्वोत्तम संभव, सक्षम वातावरण बनाने के लिए एक साथ आना चाहिए।
एक निकट पड़ोसी के रूप में, भारत समझ में आने वाली चिंता के साथ विकास की निगरानी कर रहा है।
यूएनडीपी ने हाल ही में आकलन किया था कि वहां गरीबी का स्तर 72% से बढ़कर 97% होने का आसन्न खतरा है। क्षेत्रीय स्थिरता के लिए इसके विनाशकारी परिणाम होंगे।एस जयशंकर ने कहा भारत ने लगभग 3 बिलियन से ज्यादा अभी तक अफगानिस्तान व्यय किया है लगभग 500 प्रोजेक्ट अलग-अलग फील्ड में देश के सभी 34 प्रोविंस में चल रहे थे। भारत अभी भी अफगानिस्तान के लोगों के साथ पहले की तरह खड़ा रहेगा।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगानिस्तान के लिए सभी इंटरनेशलन संगठनों को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि अफगानिस्तान के प्रति भारत का दृष्टिकोण हमेशा इसके लोगों के साथ ऐतिहासिक मित्रता द्वारा निर्देशित होता रहा है, भविष्य में भी ऐसा ही रहेगा। उन्होंने कहा जो लोग अफगानिस्तान में आना और देश से बाहर जाना चाहते हैं, उन्हें रोका नहीं जाना चाहिए उन्हें बाहर जाने की सुविधा देनी चाहिए।
जयशंकर ने कहा यात्रा और सुरक्षित आवाजाही का मुद्दा मानवीय सहायता में अवरोध बन सकता है जिसे तत्काल सुलझाया जाना चाहिए। अफगानिस्तान एक बड़े मुश्किल दौर से गुजर रहा है भारत ने अफगानिस्तान के भविष्य में संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका का सतत समर्थन किया है।












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