ओडिशा में शुरू हुई रेटिंग पॉलिटिक्स, जानिए किसे कितने अंक दे रहे दल
ओडिशा में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले रेटिंग पॉलिटिक्स की शुरुआत हो गई है। दरअसल हाल ही में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें 10 में से 8 रेटिंग दी थी। मोदी सरकार की विदेश नीति और देश में भ्रष्टाचार को कम करने के लिए मोदी सरकार को नवीन पटनायक ने 10 में से 8 अंक दिए थे।
इसके बाद प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने भी नवीन पटनायक सरकार की रेटिंग शुरू कर दी है। प्रदेश में मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने मुख्यमंत्री को 0 अंक दिए हैं, कांग्रेस ने भी ओडिशा सरकार को जीरो दिया है।

विपक्ष के नेता जयनारायण मिश्रा ने कहा कि पीएम मोदी को 10 में से 10 अंक मिलने चाहिए थे। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को यह जवाब देना चाहिए कि उन्होंने पीएम को 8 अंक क्यों दिए।
मैंने नवीन पटनायक को जीरो दिए हैं क्योंकि उनकी सरकार नॉन-परफॉर्मिंग रही है। पीएम मोदी ने की अगुवाई वाली सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन दिया है जबकि नवीन पटनायक की सरकार गले तक भ्रष्टाचार में डूबी है।
कांग्रेस विधायक तारा प्रसाद ने कहा कि मैं नवीन पटनायक सरकार को शून्य दूंगा। मैं पीएम मोदी और सीएम पटनायक दोनों को शून्य दूंगा। दोनों ने जनता के लिए कुछ नहीं किया।
इन आरोपों पर बीजू जनता दल के विधायक शशि बहेरा ने कहा कि विपक्ष को यह साफ करना चाहिए आखिर उन्हें सरकार के क्या नकारात्मकता दिखाई देती है। हमे उनसे कोई रेटिंग नहीं चाहिए, प्रदेश की जनता यहां सरकार को रेटिंग देती है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि विपक्ष कोई भी रेटिंग दे, इसका कोई असर नहीं होने वाला है, इसका भाजपा-बीजेडी के केंद्र में संबंध पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जिस तरह से सीएम पटनायक ने पीएम मोदी को 10 में से 8 अंक दिए हैं उसके बाद मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और पीएम मोदी के बीच तालमेल को लेकर भी कयास लगाए जा रहे हैं।
वरिष्ठ पत्रकार प्रसन्ना मोहंती का कहना है कि प्रदेश में रेटिंग की राजनीतिक रोचक मोड़ पर पहुंच गई है। लेकिन इसका भाजपा और बीजेडी के संबंधों पर कोई असर नहीं होगा। यह जनता को गुमराह करने के लिए है क्योंकि दोनों के बीच डील पहले ही हो गई है।












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