नहीं मिले पर्याप्त वोट तो उठी जम्मू-कश्मीर के टुकड़े करने की मांग
जम्मू। तमाम लोगों को टुकड़ों पर पलने के लिये मजबूर कर देती है यह टुकड़ों की राजनीति। ऐसे में अगर जम्मू-कश्मीर की बात करें तो पीओके पहले ही पाकिस्तान के कब्जे में है और बाकी बचे जम्मू-कश्मीर पर देश के राजनेताओं ने गंदा खेल खेलना शुरू कर दिया है। जी हां अब जम्मू-कश्मीर के टुकड़े करने की मांग उठने लगी है।

हाल ही में जो विधानसभा चुनाव हुए है उनके नतीजों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में पी.डी.पी को 28 सीटें मिली है तो बीजेपी 25 सीटें जीत पाने में कामयाब रही है। कांग्रेस 12 और उमर की पार्टी नैशनल कान्फ्रेंस ने 15 सीटें जीती है, साफ-साफ जनादेश आया है, जबकि घाटी के लोगों ने कश्मीर घाटी की पार्टियों पी.डी.पी व नैंका के पक्ष में मतदान किया है जबकि जम्मू संभाग के मतदाता ने अपना आशीष भाजपा को दिया।
ऐसे में अलग-अलग संस्कृति, बोली वाले दोनों संभाग अब अलग होना चाहते हैं और जम्मू संभाग को अलग राज्य घोषित करने की मांग उठने लगी है। मांग रखने वाले भाजपा के पूर्व अध्यक्ष व बागी नेता राजेन्द्र भगत ने कहा है कि कश्मीर को अलग राज्य व लदाख को केन्द्र शासित प्रदेश घोषित कर देना चाहिए। ऐसा करने से राज्य के तीनों संभागों की अपेक्षाएं व बहुत पुरानी मांग पूरी हो जाएगी व कई समस्याओं का समाधान भी निकल जाएगा। सरकार गठन करने के साथ - साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस तरफ भी ध्यान देना चाहिए। तीनों संभागों को अलग करने से ही कई समस्याएं खुद ब खुद ही हल हो जाएंगी।
हिंदू को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के प्रयाास
राजेन्द्र भगत का कहना है की हम पिछले कई वर्षो से गुलामी झेल रहा हैं। जम्मू संभाग जबकि कश्मीरी हुक्मरान अपने मनमर्जी करते रहे हैं, जिसमें उनको साथ देते रहे हैं केन्द्र में बैठे हुक्मरान। जम्मू संभाग के साथ सदा ही सौतेला व्यवहार होता रहा है, जिसे अब जम्मूवासी और बर्दाश्त नहीं करेंगे। नौकरियों, विकास के कार्यां में जम्मू की हमेशा अनदेखी की गई है, जिस कारण जम्मूवासी अब अलग होना चाहते हैं और इसी के चलते इस तरह का जनोदश सामने आया है। कश्मीरी हुक्मरान जम्मू के किसी हिन्दु को सचिवालय में मुख्यमंत्री के पद पर देखना नहीं चाहते है, इसी कारण अब एकजुट होकर भाजपा को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं।
राजेन्द्र भगत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को साम्प्रदायिक कहने वाले ये दल जिनमें पीडीपी, नैंका, सीपीआई (एम) , काग्रस खुद ही साम्प्रदायिकता का एक बड़ा नूमना इस समय पेश कर रहे हैं जबकि किसी हिन्दु को मुख्यमंत्री बनने से रोकने का अथक प्रयास किया जा रहा है। जम्मूवासी कश्मीरी हुक्मरानों के सौतेले रवैए से उब चुके है और चाहते है कि जम्मू को अलग राज्य बना दिया जाए।
उन्होंने कहा कि चुनावों में भी उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का खुलकर समर्थन किया था जिस कारण ही भाजपा को बहुत अच्छी सफलता यानिकि 26 सीटें प्राप्त हुई हैं। राजेन्द्र भगत ने कांग्रेंस पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि ये पार्टी केवल बयानबाजी करके जम्मूवासियों को बहलाने का काम करती है। जबकि वर्ष 2008 के अमरनाथ भूमि आंदोलन में भी कांग्रेंस ने जम्मूवासियों का साथ नहीं दिया था और नाही पिछले वर्ष किश्तवाढ़ दंगों मे हिन्दुओं का साथ दिया था।












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