लाल किले पर पुलिस ने उतरवाए लोगों के कपड़ें
नयी दिल्ली। लाल किले पर मोदी ने पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया। तिरंगा फहराकर मोदी ने देशवासियों को बधाई दी तो वहीं इस ऐतिहासिक मौके को देश के कोने-कोने से देखने आए लोगों पर भारी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। लाल किले पर आयोजित मुख्य समारोह को देखने के लिए आम लोगों को सुरक्षा के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुरक्षा कारणों की वजह से पुलिस ने लोगों की काली बनियानें और जुराबें तक उतरवा दी।

सुरक्षा में तैनात दिल्ली पुलिस के जवानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने जा रहे लोगों की बनियानें और जुराबें तक की जांच की। इस सुरक्षा जांच के दौरान जिन लोगों ने काले रंग की बनियान या जुराबें पहनी हुई थीं पुलिस ने उन्हें उतरवा दिया। लोगों ने जब इसका कारण पूछा तो दिल्ली पुलिस के अधिकारियों कहा कि उन्हें ऐसे निर्देश दिए गए हैं और वे इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकते।
सुरक्षा में तैनात पुलिस वाले एक-एक व्यक्ति की बनियान और जुराबों का रंग चेक कर रहे थे। लोगों ने इसका प्रतिरोध किया, लेकिन पुलिसकर्मी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि काली बनियान और काली जुराबें उतारे बिना किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। पुलिस वाले लोगों के काले कपड़े उतरवा रहे थे, लेकिन उन्हें रखने के लिए उन्होंने कोई इंतजाम नही किया था।
जिन्हें भी इस परेशानी का सामा कर पड़ रहा था वो अपने कपड़े आसपास की दीवारों और पेड़ों पर लटका कर चले गए। आलम यह था कि पास की एक दीवार पर बनियानों के ढेर पड़े थे जबकि पेड़ों पर जुराबें लटकी हुई थीं। कार्यक्रम को शांति से संपन्न कराने के लिए लालकिले के आसपास कई किलोमीटर तक के इलाके को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया था।












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