दिल्ली दंगा: कपिल मिश्रा के साथ वीडियो में दिख रहे पूर्व DSP ने मांगा राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार, कही ये बात
दिल्ली हिंसा: कपिल मिश्रा के साथ वीडियो में दिख रहे पूर्व DSP ने मांगा राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार, कही ये बात
नई दिल्ली, 03 जुलाई: दिल्ली दंगों के दौरान बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के भाषण वाले वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने अपने लिए राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार मांगा है। बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के साथ दिखाई देने वाले दिल्ली पुलिस अफसर तत्कालीन पूर्वोत्तर दिल्ली के डीसीपी वेद प्रकाश सूर्या थे। अब उन्ही वेद प्रकाश सूर्या ने इस साल वीरता के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल के लिए अपना नाम भेजा है। दिल्ली पुलिस अधिकारी वेद प्रकाश सूर्या ने यह कहते हुए पुरस्कार मांगा है कि उन्होंने दंगों के दौरान सैकड़ों लोगों के जीवन के साथ-साथ संपत्तियों को भी बचाया था और "असाधारण" काम किया था। इसलिए ये पुरस्कार मिलना चाहिए। वेद प्रकाश सूर्या का कुछ महीनों पहले पूर्वोत्तर दिल्ली के डीसीपी से तबादला कर दिया गया था। वह फिलहाल उपायुक्त राष्ट्रपति भवन के तौर पर तैनात हैं।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, वेद प्रकाश सूर्या के साथ उनके जेसीपी आलोक कुमार और अधीनस्थों सहित लगभग 25 पुलिस अधिकारियों ने भी पुरस्कार के लिए मुख्यालय के समक्ष अपना नाम रखा है। सूत्रों के मुताबिक इन सभी पुलिस अधिकारियों ने दिल्ली दंगों के दौरान अपनी भूमिका का हवाला दिया है।
किसे और क्यों मिलता है वीरता के लिए राष्ट्रपति का पुलिस मेडल
बता दें कि वीरता के लिए राष्ट्रपति का पुलिस मेडल, किसी भी पुलिस अधिकारी को लोगों की जिंदगी बचाने और संपत्ति को बचाने या फिर अपराध को कम करने, अपराध को रोकने या अपराधियों को गिरफ्तार करने जैसे कामों के लिए दिए जाते हैं।
दिल्ली के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक किसे ये राष्ट्रपति का पुलिस मेडल मिलना चाहिए, इसके लिए प्रस्ताव जिले से पुलिस मुख्यालय को भेजा जाता है। जहां इसे सबसे पहले वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति के समक्ष रखा जाता है। आखिर में दिल्ली पुलिस आयुक्त द्वारा उन नामों को फाइनल किया जाता है और अनुमोदित किया जाता है। फिर सारे नामों की लिस्ट और फाइल को गृह विभाग और फिर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाता है।
वेद प्रकाश सूर्या ने कही ये बात
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक वेद प्रकाश सूर्या ने अपनी राष्ट्रपति पुलिस मेडल वाली अर्जी में दावा किया है कि उन्होंने 3 से 3 दिनों में दंगों पर काबू पाया है। उन्होंने कहा है कि उन्होंने सैकड़ों लोगों की जिंदगी दंगों के वक्त बचाई है और कई हमेशा लोगों की सेवा के लिए उस दौरान फोन कॉल के जवाब दिए हैं। उन्होंने कहा है कि उनके इलाके में दंगों के दौरान हुए पथराव के बाद भी वह विचलित नहीं हुए थे।
बता दें कि वेद प्रकाश सूर्या ने कुछ दिनों पहले ही राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार के लिए आवेदन किया था। अन्य 24 पुलिस अधिकारियों के साथ उनके नाम को भी दिल्ली पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है। इसके अलावा 23 पुलिस कर्मियों ने 'असाधारण' कार्य पुरस्कार और 14 ने आउट-ऑफ-टर्न-प्रमोशन के लिए आवेदन किया है।
23 फरवरी को कपिल मिश्रा ने पोस्ट किया था वीडियो
कपिल मिश्रा 23 फरवरी 2020 को ये वीडियो शेयर किया था। ये वीडियो मौजपुर ट्रैफिक सिग्नल के पास एक सीएए समर्थक सभा की है, जहां कपिल मिश्रा भाषण दे रहे थे और जिसमें तत्कालीन डीसीपी पूर्वोत्तर वेद प्रकाश सूर्य को उनके बगल में खड़े थे। भाषण देते हुए कपिल मिश्रा ने कहा था, 'डीसीपी हमारे सामने खड़े हैं, मैं आप लोगों की तरफ से उनसे कहता हूं कि जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति (तत्कालीन डोनाल्ड ट्रंप) भारत में हैं, हम शांति से इलाके को छोड़ रहे हैं लेकिन उसके बाद अगर सड़के सीएए प्रदर्शनकारियों द्वारा खाली नहीं किए जाएंगे तो हम आपकी (पुलिस) की भी नहीं सुनेंगे। हमें सड़कों पर उतरना होगा।''












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