PM Modi Wayanad Visit: लैंडस्लाइड प्रभावित इलाकों में पहुंचे PM मोदी, किया हवाई सर्वेक्षण
PM Narendra Modi Wayanad Visit: वायनाड में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (10 अगस्त) को दौरे पर हैं। सुबह करीब 11 बजे पीएम मोदी कन्नूर हवाई अड्डे पर पहुंचे। यहां राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने उनका स्वागत किया। उधर, राहत शिविरों में रह रहे परिवारों सहित सैकड़ों लोक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे की प्रतीक्षा में एसकेएमजे स्कूल परिसर के चारों ओर उमड़ पड़े हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के साथ भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टर से चूरलमाला, मुंदक्कई और पुंचिरिमट्टम गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। मोदी ने वो जगह देखी, जहां से 30 जुलाई की रात तबाही शुरू हुई थी।

प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से चूरलमाला के लिए रवाना हुए
मोदी कलपेट्टा में एसकेएमजे उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में उतरा। सड़क के रास्ते लैंडस्लाइड प्रभावित इलाकों के आकलन के लिए 24 किलोमीटर की यात्रा करके पीएम मोदी चूरलमाला पहुंचें। यहां रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। मोदी के साथ अन्य नेता जिन्होंने पहले हवाई सर्वेक्षण किया था, मौजूद रहे।
केंद्र वायनाड को 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित करें- राहुल
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र से केरल के वायनाड भूस्खलन को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का आग्रह किया है। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के एक मंत्री द्वारा 2013 में संसद में दिए गए जवाब से पता चलता है कि केंद्र सरकार के नियमों के तहत "राष्ट्रीय आपदा" की कोई अवधारणा मौजूद नहीं है।
वायनाड में केंद्र के बचाव और राहत प्रयास
- आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अभी तक मोदी सरकार ने स्थिति का जायजा लिया और तुरंत कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर बचाव और राहत अभियान के लिए एनडीआरएफ, सेना, वायु सेना, नौसेना, अग्निशमन सेवाओं, नागरिक सुरक्षा आदि के 1,200 से अधिक बचावकर्मियों को तैनात किया।
- चिकित्सा सहायता और उपचार के लिए डॉक्टरों और अन्य चिकित्सा कर्मचारियों के साथ 100 से अधिक एम्बुलेंस तैनात की गईं।
- भारतीय सेना ने वायनाड में 190 फुट लंबा बेली ब्रिज बनाया है, जो भारी मशीनरी और एंबुलेंस की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण रहा है। इस पुल का निर्माण केवल 71 घंटों में पूरा किया गया, जिससे भारी वाहनों और मशीनरी को पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण फंसे लगभग 200 लोगों को बचाने के लिए बचाव कार्यों में काफी मदद मिली।
- राज्य के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) का गठन किया गया है।
300 से ज्यादा मौतें
आपको बता दें कि केरल में भारी बारिश के चलते वायनाड जिले में मेप्पाडी के पास पहाड़ी इलाकों में 30 जुलाई 2024 को भीषण भूस्खलन की स्थिति पनपी। घटना में एक के बाद एक 100 से ज्यादा शव निकाले गए। हादसे में करीब 300 से ज्यादा की मौत हुई है। यह इस साल की सबसे दर्दनाक घटना है।












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