अमेरिका से तनातनी के बीच PM मोदी का बड़ा फैसला, UN महासभा में नहीं होंगे शामिल, कौन रखेगा भारत का पक्ष?

PM Modi UN session 2025: अमेरिका के साथ टैरिफ विवाद और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार तीखे बयानों ने दिल्ली-वॉशिंगटन रिश्तों में कड़वाहट ला दी है। ट्रंप ने तो यहां तक कह दिया कि अमेरिका, भारत और रूस को चीन के हाथों खो चुका है।' ऊपर से खबर है कि ट्रंप क्वाड बैठक के लिए भारत आने का प्लान भी नहीं बना रहे। ऐसे माहौल में अब प्रधानमंत्री मोदी ने भी एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है- लेकिन उन्होंने ये फैसला क्यों लिया, यही सबसे बड़ा सवाल है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के जनरल डिबेट में हिस्सा न लेने का फैसला किया है। उनकी जगह विदेश मंत्री एस. जयशंकर 27 सितंबर को भारत का पक्ष दुनिया के सामने रखेंगे। यह बदलाव अचानक आया है क्योंकि जुलाई में जारी लिस्ट में पीएम मोदी का नाम तय था और वे 26 सितंबर को बोलने वाले थे।

narendra modi donald trump

पाकिस्तान के साथ मंच साझा नहीं करेंगे पीएम मोदी?

इस बदलाव का मतलब है कि मोदी इस साल उस मंच पर नजर नहीं आएंगे, जहां चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश के नेता भी मौजूद रहेंगे। कूटनीतिक हलकों का कहना है कि यह फैसला अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और वैश्विक समीकरणों को देखते हुए लिया गया हो सकता है। यानी मोदी का 'स्टेप बैक' कहीं ज्यादा रणनीतिक भी हो सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की वापसी

23 सितंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूएनजीए को संबोधित करेंगे। यह उनके व्हाइट हाउस में दूसरी बार वापसी के बाद पहला बड़ा वैश्विक मंच होगा। दिलचस्प यह है कि ट्रंप ने हाल ही में भारत पर रूस से तेल खरीद को लेकर नाराजगी जतायी थी और यहां तक कह दिया कि 'अमेरिका भारत और रूस को चीन के हवाले खो चुका है।' इसके बावजूद उन्होंने मोदी को 'ग्रेट प्राइम मिनिस्टर' कहकर निजी रिश्ते अच्छे होने का दावा किया।

टैरिफ से बढ़ी तल्खी

पिछले महीने अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगा दिया, जिसे हाल के वर्षों का सबसे कड़ा व्यापारिक कदम माना जा रहा है। इसके बाद SCO समिट की एक तस्वीर ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा की, जिसमें मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ नजर आ रहे थे। ट्रंप ने यह मैसेज दिया कि भारत धीरे-धीरे मॉस्को और बीजिंग के करीब जा रहा है। नई दिल्ली ने इस बयान पर अभी तक सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है।

व्यस्त रहेगा इस बार UNGA

80वां सेशन 9 सितंबर से शुरू हो रहा है और इस बार थीम है- 'बेहतर साथ: शांति, विकास और मानवाधिकारों के लिए 80 साल और आगे।'

मुख्य कार्यक्रम का शेड्यूल

  • 22 सितंबर: संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ का जश्न
  • 23 सितंबर: सबसे पहले ब्राज़ील का संबोधन, उसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भाषण (व्हाइट हाउस में वापसी के बाद पहला UNGA संबोधन)
  • 24 सितंबर: क्लाइमेट समिट (एंटोनियो गुटेरेस की अगुवाई में)
  • महिलाओं के अधिकारों पर बीजिंग डिक्लेरेशन की 30वीं वर्षगांठ
  • ग्लोबल इकॉनमी, युवाओं, मानसिक स्वास्थ्य और AI गवर्नेंस पर बैठकें
  • न्यूक्लियर निरस्त्रीकरण और रोहिंग्या संकट पर विशेष सत्र

भारत का असली टेस्ट

मोदी के मंच से दूर रहने और जयशंकर के भाषण देने का फैसला ऐसे समय में हुआ है जब भारत को अमेरिका के साथ रिश्तों की तल्खी और रूस-चीन के साथ बढ़ते समीकरण दोनों को बैलेंस करना है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी होंगी कि जयशंकर न्यूयॉर्क में भारत का पक्ष किस अंदाज में रखते हैं-क्या वे वॉशिंगटन की नाराजगी को ठंडा करेंगे या दुनिया के सामने भारत की 'स्वतंत्र विदेश नीति' का नया मैसेज देंगे।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+