मुंबई में दुनिया के सबसे बड़े स्मारक की नींव रखने पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य स्मारक अरब सागर में तट से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर बनेगा। स्मारक की कुल ऊंचाई 192 मीटर होगी।
मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को महाराष्ट्र के दौरे पर हैं। मुंबई में अरब सागर में दुनिया के सबसे बड़े शिवाजी की स्मारक की आधारशिला रखेंगे। साथ ही मुंबई-पुणे मेट्रो रेल परियोजना की नींव भी रखेंगे। प्रधानमंत्री का ये दौरा कई लिहाज से अहम है। प्रधानमंत्री मोदी आयोजन स्थल पर पहुंच गए हैं।

मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य स्मारक अरब सागर में तट से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर बनेगा। स्मारक की कुल ऊंचाई 192 मीटर होगी। इसके निर्माण में कुल 3600 करोड़ की लागत आएगी। यह देश ही नहीं पूरी दुनिया का सबसे बड़ा स्मारक होगा। प्रधानमंत्री मोदी यहां बांद्रा में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। मछुआरे और पर्यावरणविद अरब सागर पर स्मारक बनाने का विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे समुर्दी जीवन प्रभावित होगा और इसका असर लोगों पर भी पड़ेगा।
इन परियोजनाओं का भी करेंगे उद्घाटन
मुंबई में प्रधानमंत्री दो मेट्रो रेल परियोजनाओं, एलिवेटेड रेल कॉरिडोर परियोजना और मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (एमटीएचएल) की भी नींव रखेंगे। इसके अलावा वह पड़ोसी जिले रायगढ़ जिले में राष्ट्रीय सुरक्षा प्रबंधन संस्थान के नए परिसर का भी उद्घाटन करेंगे। राज्य में सरकार की सहयोगी पार्टी शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम में मंच साझा कर सकते हैं। वहीं रेल परियोजना की नींव रखे जाने के कार्यक्रम में एनसीपी नेता शरद पवार के मौजूद होने की उम्मीद है।
कांग्रेस ने जताया ऐतराज
शिवाजी स्मारक को लेकर बीजेपी के आयोजन का कांग्रेस ने विरोध किया है। कांग्रेस का कहना है कि उनकी योजना को बीजेपी अपनी बताकर काम शुरू करने जा रही है। साल 2008 में सबसे पहले कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने मराठा राजा शिवाजी की 192 मीटर लंबी मूर्ति समुद्र में लगाने का प्रस्ताव दिया था। बीजेपी की अगुवाई वाली सरकार ने बीते साल इसे लेकर प्रस्ताव पास किया था और अब इसे पूरा करने जा रही है।
स्मारक में होंगी ये सुविधाएं
3600 करोड़ की लागत से बनने वाले इस स्मारक में एक समय में 10 हजार लोग आ सकेंगे। स्मारक पर एक मिनी थिएटर, मंदिर, फूड कोर्ट, लाइब्रेरी, ऑडियो गाइडर, 3डी और 4डी फिल्म, एक्वेरियम जैसी सुविधाए भी होंगी। परियोजना के पहले चरण में 2500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्मारक की वजह से मछुआरों को हो रहे नुकसान के मुद्दे पर महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि भविष्य में मछुआरों या उनके परिजनों को नौकरियां दी जाएंगी। या फिर उन्हें स्मारक आस-पास नाव चलाने का अधिकार भी दिया जा सकता है।












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