NDA की संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने संविधान को सिर से लगाया
इस लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने एक बड़ा मुद्दा चुनाव प्रचार के दौरान संविधान में संशोधन का उठाया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी तमाम चुनावी रैलियों में संविधान की एक प्रति लेकर घूमते थे और आरोप लगाते थे कि अगर एनडीए 400 पार हुआ तो ये लोग संविधान को बदल देंगे।
लेकिन अब जब एनडीए ने चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल किया है तो एनडीए की संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने सबसे पहले संविधान की प्रति को सिर लगाकर इसका सम्मान किया।

पीएम मोदी ने पीएम मोदी ने संसद भवन के भीतर तमाम एनडीए के सांसदों के बीच पहुंचते ही सबसे पहले यहां रखी संविधान की प्रति के सामने हाथ जोड़कर इसका अभिवादन किया और इसे अपने सिर लगाकर इसके प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।
एनडीए की संसदीय दल की बैठक में जिस तरह से पीएम मोदी ने संविधान की प्रति पर सिर नवाया वह कई मायनों में अहम है। चुनावों में संविधान का मुद्दा काफी चर्चा में रहा।
भाजपा ने एक तरफ जहां 400 पार का नारा दिया तो विपक्ष ने कहा कि अगर ऐसा होगा तो मोदी सरकार सत्ता में आने के बाद संविधान को बदल देगी। विपक्ष के इस आरोप के चलते भाजपा को चुनाव में नुकसान भी हुआ और पार्टी को अकेले यूपी में तकरीबन 30 सीटों का नुकसान हुआ।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि अगर मोदी सरकार फिर से सत्ता में आई तो ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के लोगों के साथ मुस्लिम समुदाय के लोगों का आरक्षण खत्म कर दिया जाएगा, संविधान को बदल दिया जाएगा।
संविधान को देश में एक बड़ा तबका गीता से भी बढ़कर मानता है। एक बड़े वर्ग के उत्थान में संविधान की भूमिका काफी अहम है। ऐसे में पीएम मोदी का संविधान के सामने सिर नवाना काफी अहम है।
भाजपा के कुछ नेताओं ने चुनावी भाषण में कहा कि अगर 400 पार सीटें आई तो हम संविधान को बदल देंगे। जिसके लते शहर और गांव के लोगों के भीतर यह शंका और असुरक्षा पैदा हुई कि संविधान को बदला जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications