'कुछ लोगों का कांटा 2014 में ही अटका है'-लोकसभा में पीएम मोदी के भाषण की 10 बड़ी बातें
नई दिल्ली, 7 फरवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस का जवाब दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में भारत रत्न मशहूर गायिका दिवंगत लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि देने के साथ अपने भाषण की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने अपनी सरकार के कामकाज की तारीफ की तो वहीं कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। पीएम के संबोधन की बड़ी बातें-

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Mahua Moitra Speech in Lok Sabha: स्पीकर पर क्यों भड़कीं TMC MP Mahua Moitra | वनइंडिया हिंदी
- कोरोना वायरस महामारी के बाद एक नई विश्व व्यवस्था हुई है। भारत को एक नेता के रूप में पहचाना जा रहा है। भारत को वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए। एक ऐसा टर्निंग प्वाइंट है कि हम लोग एक भारत के रूप में इस अवसर को गंवाना नहीं चाहिए. मेन टेबल पर भारत की आवाज बुलंद रहनी चाहिए।
- जिन्होंने भारत के अतीत के आधार पर ही भारत को समझने का प्रयास किया, उनकों आशंका थी कि शायद भारत कोरोना से ये लड़ाई नहीं लड़ पाएगा, खुद को बचा नहीं पाएगा। आज मेड इन इंडिया कोविड वैक्सीन दुनिया में सबसे प्रभावी है।
- जिस रास्ते पर हम चले आज विश्व के अर्थजगत के सभी ज्ञाता इस बात को मानते हैं कि भारत ने जिस आर्थिक नीतियों को लेकर इस कोरोना काल में अपने आप को आगे बढ़ाया है, वो अपने आप में दुनिया के लिए एक उदाहरण है।
- इतने वर्षों तक देश पर राज करने वाले और महलनुमा घरों में रहने के आदी, छोटे किसान के कल्याण की बात करना भूल गए हैं। भारत की प्रगति के लिए छोटे किसान को सशक्त बनाना जरूरी है। छोटा किसान भारत की तरक्की को मजबूत करेगा।
- इतने चुनाव हारने के बाद आपके (कांग्रेस) अहंकार (अहंकार) में कोई बदलाव नहीं आया है। नागालैंड के लोगों ने आखिरी बार 1998 में कांग्रेस के लिए वोट किया था। ओडिशा ने 1995 में आपके लिए वोट किया था। गोवा में 1994 में पूर्ण बहुमत के साथ आप जीते थे, 28 साल से गोवा ने आपको स्वीकार नहीं किया।
- दुर्भाग्य ये है कि आपमें (विपक्ष) से बहुत से लोग ऐसे हैं जिनका कांटा 2014 में अटका हुआ है और उससे वो बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उसका नतीजा भी आपको भुगतना पड़ा है। देश की जनता आपको पहचान गई है, कुछ लोग पहले पहचान गए, कुछ लोग अब पहचान रहे हैं और कुछ लोग आने वाले समय में पहचानने वाले हैं।
- कोविड के इस समय में कांग्रेस पार्टी ने सारी हदें पार कर दी। पहली लहर में जब लोग लॉकडाउन का पालन कर रहे थे, दिशानिर्देश सुझाव दे रहे थे कि लोग जहां हैं वहीं रहें, तब कांग्रेस मुंबई स्टेशन पर खड़ी थी और निर्दोष लोगों को घर जाने को उकसा रही थी।
- भारत सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि महामारी के बीच 80 करोड़ से अधिक भारतीयों को मुफ्त राशन मिले। हमारी प्रतिबद्धता है कि कोई भी भारतीय भूखा ना रहे।
- देश का बड़ा दुर्भाग्य है कि सदन जैसी पवित्र जगह जो देश के लिए काम आनी चाहिए उसको दल के लिए काम में लेने का प्रयास हो रहा है। हम सब संस्कार से, व्यवहार से लोकतंत्र के लिए प्रतिबद्ध लोग हैं और आज से नहीं सदियों से हैं। आलोचना जीवंत लोकतंत्र का आभूषण है लेकिन अंधविरोध लोकतंत्र का अनादर है।
- सैकड़ों वर्षों का गुलामी कालखंड, उसकी जो मानसिकता है, वो आजादी के 75 साल के बाद भी कुछ लोग बदल नहीं पाए। ये गुलामी की मानसिकता किसी भी राष्ट्र की प्रगति के लिए बहुत बड़ा संकट होती है।












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