Namaste Trump: ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं जाएंगे ताजमहल देखने आगरा, जानें वजह
नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फर्स्ट लेडी मेलानिया 24 फरवरी यानी सोमवार को भारत आ रहे हैं। दोनों की यह पहली भारत यात्रा है और इस दौरान वह अहमदाबाद, आगरा और दिल्ली जाएंगे। विदेश मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आगरा दौरे की आधिकारिक पुष्टि की गई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 12 लोगों का प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा। शनिवार को विदेश मंत्रालय की तरफ से इस बात की पुष्टि की गई है। सरकार की तरफ से यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जब ट्रंप, आगरा जाएंगे तो उनके साथ सरकार का कोई भी अधिकारी नहीं होगा।

सरकार का कोई अधिकारी भी नहीं होगा मौजूद
सरकार से जुड़े सूत्रों की ओर से शनिवार को कहा गया है कि ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स पर ध्यान गया है जिसमें आगरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होने की बात कही जा रही है। आगरा जाकर ताजमहल देखना अमेरिकी राष्ट्रपति और फर्स्ट लेडी का फैसला है। वह एतिहासिक स्मारक के दीदार का मौका गंवाना नहीं चाहते हैं। ऐसे में उनके आगरा कार्यक्रम दौरे पर न तो कोई आधिकारिक कार्यक्रम होगा और न ही भारत सरकार की तरफ से कोई सीनियर ऑफिसर मौजूद रहेगा। ट्रंप के साथ 12 लोगों का जो प्रतिनिधिमंडल साथ रहेगा उसमें भारत में अमेरिकी राजदूत केनेथ जेस्टर के अलावा वित्त मंत्री विलबुर रॉस, ऊर्जा विभाग के मुखिया डैन ब्रोयूइलिट्टे और राष्ट्रपति के सहायक मिक मुलवाने होंगे। इसके अलावा फर्स्ट लेडी के वीफ ऑफ स्टाफ रॉबर्ट ब्लेयर, राष्ट्रपति के सहायक और इंटरनेशनल टेलीकॉम्यूनिकेशन पॉलिसी के विशेष प्रतिनिधि और चीफ ऑफ स्टाफ के सीनियर एडवाइजर भी शामिल होंगे।
होगी धार्मिक आजादी पर चर्चा
शुक्रवार को ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप इस दौरान जहां व्यापार से जुड़ी चिंताओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता करेंगे तो धार्मिक आजादी पर भी बातचीत होगी। अधिकायिों की मानें तो ट्रंप भारत दौरे पर व्यापार में मौजूद बाधाओं के अलावा टैरिफ का जिक्र तो करेंगे। मगर अमेरिका के साथ किसी डील को लेकर घोषणा का सारा दारोमदार भारत पर होगा। अधिकारियों ने बताया ट्रंप खासतौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से चलाए गए कार्यक्रम 'मेक इन इंडिया' प्रोग्राम को ध्यान में रखकर बात करेंगे। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों की मानें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वाता के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात की गुजारिश उनसे कर सकते हैं कि भारत में अल्पसंख्यकों को बराबर अधिकार दिए जाएं। इसके साथ ही वह पाकिस्तान के साथ सभी मतभेदों को दूर करने की अपील भी पीएम मोदी से कर सकते हैं। वह पीएम मोदी से कह सकते हैं कि द्विपक्षीय वार्ता के जरिए भारत-पाक आपसी मतभेदों को दूर करें।












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