Muslim Discrimination: ओवैसी का तीखा सवाल- भारत में सवाल से क्यों डरते हैं PM, मणिपुर के चर्च पर क्या कहेंगे?
अमेरिका में Muslim Discrimination से जुड़े पत्रकार के सवाल पर प्रधानमंत्री मोदी का जवाब चर्चा में है। इस प्रकरण में असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा सवाल किया है। उन्होंने पूछा कि पीएम मोदी भारत में सवालों से क्यों डरते हैं?
हैदराबाद से निर्वाचित लोक सभा सांसद और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मणिपुर के 300 चर्चों में आगजनी पर सवाल किया।

उन्होंने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने 9 साल में पहली बार सवाल का जवाब दिया। उस सवाल-जवाब में उन्होंने भारत में भेदभाव न किए जाने की बात कही। मणिपुर में 300 गिरजाघरों को जला दिया गया, वह भेदभाव नहीं है?
बकौल ओवैसी, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) नागरिकों के साथ भेदभाव का आधार बना। भाजपा के पास 300 मंत्री हैं जिसमें एक भी मुस्लिम नहीं है। यह भेदभाव की मिसालें हैं।
विपक्षी दलों की प्रमुख आलोचना- प्रधानमंत्री ने गत 9 साल में एक भी प्रेस वार्ता क्यों नहीं की। इस आधार पर भी अमेरिका दौरे पर ओवैसी ने तीखा सवाल किया और कहा, PM विदेश में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं, भारत में सवालों से पीछे क्यों हट जाते हैं?
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। इसी दौरान एक पत्रकार ने पूछा कि मुस्लिमों के साथ भेदभाव के आरोप पर उनका क्या सोचना है?
इस पर पीएम मोदी ने कहा, लोकतंत्र भारत और अमेरिका के डीएनए में है। प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में लिए गए फैसलों का जिक्र कर कहा कि सरकार सभी नागरिकों के साथ एक जैसा बर्ताव और जरूरतमंद लोगों तक फायदा पहुंचाने पर काम कर रही है।
पीएम मोदी ने भाजपा के चुनावी स्लोगन का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने मुस्लिमों या किसी भी जाति, धर्म, वर्ग के साथ भेदभाव के आरोपों को सिरे से खारिज कर कहा, उनकी सरकार सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास फॉर्मूले पर चल रही है।












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