'मानवता का दुश्मन', PM मोदी का Trinidad और Tobago में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश

PM Modi Trinidad Tobago Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2025 को त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए आतंकवाद को 'मानवता का दुश्मन' करार दिया और इसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। ऐतिहासिक रेड हाउस से दिए गए इस भाषण ने स्थानीय सांसदों और वैश्विक समुदाय का ध्यान खींचा, खासकर 1990 के तख्तापलट प्रयास की यादों को ताजा करते हुए।

मोदी ने कहा, 'आतंकवाद के खिलाफ हमें किसी भी तरह का आश्रय या स्थान देने से इनकार करना होगा। इस रेड हाउस ने आतंक के घाव और निर्दोषों के खून को देखा है।' यह बयान हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद आया, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे। मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो के लोगों और सरकार का आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़े होने के लिए आभार जताया।

PM Modi Trinidad Tobago Visit

भारत-त्रिनिदाद संबंधों पर जोर

मोदी ने भारत और त्रिनिदाद व टोबैगो के बीच गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रिश्तों पर प्रकाश डाला। उन्होंने वैश्विक चुनौतियों जैसे जलवायु परिवर्तन, खाद्य, स्वास्थ्य और ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'दुनिया में परिवर्तन की गति अभूतपूर्व है। राजनीति, सत्ता और व्यापार पर दबाव बढ़ रहा है। मतभेद और असमानताएं गहरा रही हैं। लेकिन भारत और त्रिनिदाद के मूल्य समान हैं-लोकतंत्र, संवाद, संप्रभुता और मानवीय गरिमा।' उन्होंने दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की वकालत की, खासकर संघर्ष के इस दौर में।

सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए मोदी

4 जुलाई को त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर ने पीएम मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' से सम्मानित किया। यह सम्मान मोदी के वैश्विक नेतृत्व, भारतीय प्रवासियों से जुड़ाव और कोविड-19 महामारी के दौरान मानवीय प्रयासों के लिए दिया गया।

मोदी ने इसे भारत और त्रिनिदाद के बीच 'शाश्वत और गहरी मित्रता' का प्रतीक बताया। X पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, '140 करोड़ भारतीयों की ओर से यह सम्मान स्वीकार करना मेरे लिए गर्व की बात है।' यह मोदी का 25वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है और वह इस सम्मान को पाने वाले पहले विदेशी नेता हैं।

ऐतिहासिक यात्रा

मोदी की यह त्रिनिदाद और टोबैगो की पहली यात्रा है, जो 1999 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय यात्रा है। वह घाना से त्रिनिदाद पहुंचे, जहां उन्हें 'ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना' से सम्मानित किया गया था। यह यात्रा उनके पांच देशों के दौरे का हिस्सा है।

वैश्विक संदर्भ में संदेश

मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं। हाल के आतंकी हमलों, मध्य पूर्व में तनाव और भू-राजनीतिक अस्थिरता ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत को और बढ़ा दिया है। त्रिनिदाद का रेड हाउस, जो 1990 में आतंकी हमले का गवाह रहा, इस संदेश का प्रतीकात्मक स्थल बना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का त्रिनिदाद और टोबैगो में आतंकवाद के खिलाफ सशक्त संदेश और सर्वोच्च सम्मान ने भारत की वैश्विक साख को और मजबूत किया है। आतंकवाद को 'मानवता का दुश्मन' बताकर उन्होंने न केवल वैश्विक एकजुटता की अपील की, बल्कि भारत-त्रिनिदाद के साझा मूल्यों को भी रेखांकित किया। यह यात्रा दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग की नई शुरुआत हो सकती है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+