मेडिकल ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर PM मोदी की हाईलेवल मीटिंग, दिया उत्पादन बढ़ाने का सुझाव
नई दिल्ली, अप्रैल 16: देश में लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीजों के चलते अस्पतालों में सबसे अधिक कमी मेडिकल ऑक्सीजन की देखने को मिल रही है। कई राज्यों से लगातार मेडिकल ऑक्सीजन की पर्याप्त सप्लाई ना मिल पाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसी बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में पर्याप्त मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक समीक्षा बैठक की है। पीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, स्वास्थ्य, DPIIT, स्टील, सड़क परिवहन जैसे मंत्रालयों के इनपुट भी पीएम के साथ साझा किए जाएं। बैठक में पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि मंत्रालयों और राज्य के समूहों के बीच तालमेल सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना वायरस संक्रमण से अत्यधिक प्रभावित 12 राज्यों(महाराष्ट्र, एमपी, गुजरात, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान) में आगामी 15 दिन में ऑक्सीजन के अनुमानित इस्तेमाल और ऑक्सीजन आपूर्ति संबंधी मौजूदा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए देश में उत्पादन क्षमता के बारे में पीएम को जानकारी दी गई।
उन्होंने कोविड संक्रमण में वृद्धि वाले राज्यों में ऑक्सीजन की आपूर्ति की वर्तमान स्थिति और भविष्य में ऑक्सीजन की मांग की भी विस्तृत समीक्षा की। इन राज्यों में जिला स्तर पर स्थिति का आकलन प्रधानमंत्री के समक्ष रखा गया। प्रधानमंत्री को बताया गया कि केंद्र और राज्य इस बारे में लगातार सम्पर्क में हैं।पीएम ने प्रत्येक संयंत्र की क्षमता के अनुसार ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाने का सुझाव दिया। बैठक में यह चर्चा की गई थी कि इस्पात संयंत्रों में ऑक्सीजन की आपूर्ति के अधिशेष स्टॉक को चिकित्सा उपयोग के लिए दिया जाए।
इसकी के साथ पीएम ने अधिकारियों से पूरे देश में ऑक्सीजन ले जाने वाले टैंकरों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया। सरकार ने ऑक्सीजन टैंकरों को अंतरराज्यीय मूवमेंट परमिट के पंजीकरण में छूट दी है ताकि टैंकरों की आसानी से आवाजाही हो सके। पीएम को बताया गया कि केंद्र और राज्य नियमित संपर्क में हैं। ताकि उनकी अनुमानित मांग के अनुसार 20 अप्रैल, 25 अप्रैल और 30 अप्रैल को आक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा सके। इन 12 राज्यों को 4,880 मीट्रिक टन, 5,619 मीट्रिक टन और 6,593 मीट्रिक टन आक्सीजन आवंटित किया गया है।
इससे पहले केन्द्र ने गुरुवार को राज्यों से मेडिकल ऑक्सीजन का तर्कसंगत उपयोग करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि इसकी बर्बादी न हो। साथ ही उसने कहा कि देश में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 रोगियों के इलाज में मेडिकल ऑक्सीजन महत्वपूर्ण घटक है। महामारी से प्रभावित राज्यों को मेडिकल ऑक्सीजन समेत जरूरी चिकित्सा उपकरण मुहैया कराने के लिये मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान अधिकारियों के अंतर मंत्रालयी शक्तिसंपन्न समूह का गठन किया गया था।












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