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इंडिया मोबाइल कांग्रेस में डिजिटल क्रांति पर बोले पीएम मोदी, कहा-'दुनिया को जोड़ने में लगा भारत'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने संबोधन में भारत के दूरसंचार क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति और वैश्विक मंच पर देश की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत आज अपने व्यापक डिजिटल पदचिह्न के लिए जाना जाता है। जिसमें 1.2 बिलियन मोबाइल फोन उपयोगकर्ता और 950 मिलियन इंटरनेट ग्राहक शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि भारत में दुनिया के 40 प्रतिशत से अधिक वास्तविक समय के डिजिटल लेनदेन होते हैं। जो डिजिटल कनेक्टिविटी को समावेशी सेवा वितरण का एक प्रभावी साधन बनाता है। प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी आईटीयू विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा के दौरान की गई थी। जहां उन्होंने वैश्विक दूरसंचार के भविष्य पर चर्चा को विश्वव्यापी लाभ के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

pm modi

वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत पर जोर

मोदी ने डब्ल्यूटीएसए और इंडिया मोबाइल कांग्रेस के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्हें ऐसे मंच के रूप में पेश किया जो कनेक्टिविटी और आम सहमति के आदान-प्रदान को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने भारत के सदियों पुराने वसुधैव कुटुम्बकम के दर्शन, अर्थात् दुनिया एक परिवार है की प्रासंगिकता पर जोर दिया। विशेष रूप से आज की विभाजित दुनिया में। उन्होंने कहा कि एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के मंत्र के साथ जी-20 का नेतृत्व करते हुए भारत दुनिया को एकजुट करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत दुनिया को संघर्ष से बाहर निकालकर जोड़ने में लगा हुआ है।

भारत की दूरसंचार यात्रा का जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के दूरसंचार क्षेत्र की उल्लेखनीय यात्रा का जिक्र किया। जो आज वैश्विक केस स्टडी के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस परिवर्तन का उद्देश्य केवल कनेक्टिविटी को बढ़ाना नहीं था। बल्कि सामाजिक-आर्थिक अंतर को पाटते हुए प्रौद्योगिकी को समानता और अवसर का साधन बनाना भी था। उन्होंने बताया कि कैसे स्थानीय नवाचार और वैश्विक पहुंच का अभिसरण देश के लिए फायदेमंद साबित हुआ है। मोदी ने कहा कि भारत का लक्ष्य दूरसंचार को सामाजिक समानता हासिल करने का साधन बनाना है।

डिजिटल क्रांति और डिजिटल इंडिया पर चर्चा

प्रधानमंत्री ने भारत की डिजिटल क्रांति और डिजिटल इंडिया पहल के आधारभूत स्तंभों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उपकरणों को किफायती बनाना, व्यापक डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना, डेटा तक पहुंच को बढ़ावा देना और डिजिटल-फर्स्ट दृष्टिकोण को प्राथमिकता देने जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि इन प्रयासों के कारण भारत ने घरेलू विनिर्माण में बड़े स्तर पर प्रगति की है। जिससे मोबाइल फोन किफायती हो गए हैं।

2014 से अब तक मोबाइल विनिर्माण में जबरदस्त उछाल

मोदी ने कहा कि 2014 में केवल दो मोबाइल विनिर्माण इकाइयों से आज 200 से अधिक इकाइयों तक भारत का मोबाइल उत्पादन छह गुना बढ़ गया है। जिससे भारत मोबाइल फोन का एक बड़ा निर्यातक बन गया है। यह वृद्धि मोबाइल विनिर्माण के पूरे पारिस्थितिकी तंत्र तक फैली है। जिसमें चिप्स और तैयार उत्पाद शामिल हैं। भारत का उद्देश्य वैश्विक बाजार में पूरी तरह से मेड इन इंडिया मोबाइल फोन की आपूर्ति करना है। इसके साथ ही सेमीकंडक्टर विनिर्माण में बड़े निवेश ने इस लक्ष्य को और मजबूत किया है।

भारत का 5G और 6G की दिशा में तेजी से बढ़ता कदम

प्रधानमंत्री मोदी ने गर्व के साथ कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाजार बन चुका है। जिसे बहुत कम समय में हासिल किया गया है। उन्होंने भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे के तेजी से विस्तार पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले दस वर्षों में भारत ने जो ऑप्टिकल फाइबर बिछाया है। उसकी लंबाई पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से आठ गुना अधिक है। देश के लगभग हर जिले तक 5G का तेजी से विस्तार हो चुका है और अब भारत 6G तकनीक को आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है।

वैश्विक डिजिटल नियमों की आवश्यकता पर जोर

प्रधानमंत्री ने अपने समापन भाषण में डिजिटल प्रौद्योगिकी के शासन के लिए एक वैश्विक ढांचे की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने डिजिटल उपकरणों और अनुप्रयोगों की सीमाहीन प्रकृति को देखते हुए नागरिकों को साइबर खतरों से बचाने के लिए वैश्विक सहयोगात्मक प्रयासों की वकालत की। उन्होंने कहा कि जैसे वैश्विक विमानन के लिए नियम हैं। वैसे ही डिजिटल क्षेत्र के लिए भी नियम होने चाहिए। उन्होंने भारत के डेटा संरक्षण अधिनियम और राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति का हवाला देते हुए कहा कि यह भारत के एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री मोदी का ये बयान इस बात का संकेत देती हैं कि भारत न केवल अपने लिए बल्कि वैश्विक मंच पर भी डिजिटल क्रांति का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। जिसमें दूरसंचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छूने का लक्ष्य है।

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