International Women Day: पीएम मोदी ने बताया आखिर क्यों 106 साल की यह महिला उन्हें करती है प्रेरित
नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 106 वर्षीय महिला का जिक्र किया जिन्होंने उन्हे प्रेरणा दी है। ट्विटर के जरिए इस मौके पर पीएम मोदी ने इस महिला का जिक्र करते हुए लोगों से अपील की है कि वह उन महिलाओं के बारे में कुछ लिखें जिन्होंने उन्हें प्रेरित किया है। पीएम मोदी ने जिस महिला का जिक्र आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर किया है वह छत्तीसगढ़ की हैं, जिन्होंने शौचलाय के निर्माण के लिए अपनी आय के एकमात्र जरिए को भी बेच दिया।

शौचालय के लिए बेच दी बकरी
प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस महिला का जिक्र किया है वह छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं, उनका नाम कुंवर बाई है। उन्होंने शौचालय बनवाने के लिए अपनी बकरी को बेच दिया जोकि उनकी आय का एकमात्र जरिया था। उनके गांव में यह पहला शौचालय है जिसे 15 दिन में 22000 रुपए की लागत से बनाया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कुंवर बाई के बारे में जानकारी साझा करते हुए लिखा है कि स्वच्छ भारत मिशन में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। मैंने उनके इस बेहतरीन कार्य से काफी प्रभावित हूं।

पीएम ने कहां वह लोगों के दिलों में जिंदा हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं हमेशा इस समय को याद रखुंगा जब मुझे कुंवर बाई से मिलने का मौका मिला था। छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान मुझे उनसे मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लेने का मौका मिला था। कुंवर बाई का इसी वर्ष निधन हो गया, लेकिन अभी भी लोगों के दिलों में जिंदा है। वह बापू के सपना स्वच्छ भारत को पूरा करने के लिए काफी गंभीर थीं, उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है।

क्यों मनाया जाता है महिला दिवस
महिला दिवस की शुरुआत इसलिए हुई थी क्योंकि महिलाओं को वोट देने का अधिकार नहीं था। सबसे पहले अमेरिका में 28 फरवरी 1909 में मनाया गया। फिर इस दिवस को फरवरी के अंतिम रविवार को मंजूरी दी गई लेकिन 1990 में सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपेनहेगन के सम्मेलन में महिला दिवस को इंटरनेशनल मानक दिया गया। 8 मार्च को महिला दिवस 1917 में रूस की महिलाओं ने विरोध किया क्योंकि उनके यहां तब जुलियन कैलेंडर मान्य था और पूरे विश्व में ग्रेगेरियन कैलेंडर। जिसके हिसाब से अंतिम रविवार 8 मार्च को पड़ा क्योंकि फरवरी तो 28 दिन की होती थी इसलिए चौथा रविवार मार्च में गिना गया जो कि पूरे विश्व में मान्य हो गया और तबसे 8 मार्च को महिला दिवस घोषित हुआ जिसे रूस को भी मानना पड़ा।
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