9 जून का है पाकिस्तान से खास कनेक्शन, निकले थे खून के आंसू! जानें क्या है पर्दे के पीछे की कहानी?
PM Modi Oath Ceremony On 9 June Special : लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे सामने आ चुके हैं। भले ही, भारतीय जनता पार्टी(बीजेपी) बहुमत का आंकड़ा 272 हासिल न कर सकी। लेकिन, बीजेपी नीत एनडीए ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद पर हैट्रिक लगाने का मौका जरूर दे दिया है। अब नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह के लिए 9 जून तारीख मुकर्रर हुई है।
खास बात यह है कि आज से 60 साल पहले इसी तारीख को भारत को एक ऐसा नेतृत्व मिला, जिसकी छाया में पाकिस्तान के मंसूबे एक के बाद एक नाकाम हुए। भारत ने पाकिस्तान की आंखों में खून के आंसू ला दिए। जी, हां हम बात कर रहे हैं 'जय जवान-जय किसान' का नारा देने वाले भारत के तीसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की। इन्होंने भी 9 जून को प्रधानमंत्री के पद की शपथ ली थी।

लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में ही 1965 का भारत-पाक युद्ध हुआ। जिसने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया। इन्हीं के कार्यकाल में ताशकंद समझौता हुआ। अगर, नरेंद्र मोदी की बात करें तो, दो बार देश के प्रधानमंत्री रहने के दौरान पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दिए। लाल बहादुर शास्त्री और नरेंद्र मोदी दोनों ही भारत के प्रधानमंत्री रहे हैं और अपने-अपने कार्यकाल में पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाने के लिए जाने जाते हैं। आइए आपको रूबरू कराते हैं....
1. पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम:
लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल
- 1965 का भारत-पाक युद्ध: पाकिस्तान ने जम्मू और कश्मीर में घुसपैठ करने के लिए ऑपरेशन जिब्राल्टर और ऑपरेशन ग्रैंड स्लैम की योजना बनाई। पाकिस्तानी सेना ने कश्मीर में आतंकवादी घुसपैठियों को भेजकर भारत के खिलाफ गुप्त युद्ध छेड़ने की कोशिश की। भारतीय सेना ने पाकिस्तान की इस घुसपैठ का मुंहतोड़ जवाब देते हुए, लाहौर और सियालकोट सेक्टरों में जवाबी हमले किए। पाकिस्तान की सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा। करीब 3,800 सैनिक पाकिस्तान के मारे गए। वहीं, भारत के 3,000 सैनिक शहीद हुए।
- ताशकंद समझौता: 1965 के युद्ध के बाद, सोवियत संघ की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान के बीच ताशकंद में समझौता हुआ। शास्त्री के इस समझौते पर हस्ताक्षर के बाद अगले ही दिन उनकी मृत्यु हो गई।
नरेंद्र मोदी के 2 कार्यकाल में
- सर्जिकल स्ट्राइक (2016): उरी आतंकी हमला, जिसमें 18 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। दरअसल, भारतीय सेना ने 28-29 सितंबर 2016 की रात को नियंत्रण रेखा पार करके पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक किया। सर्जिकल स्ट्राइक में कई आतंकी ठिकाने नष्ट किए गए और आतंकियों को भारी नुकसान हुआ।
- बालाकोट एयर स्ट्राइक (2019): पुलवामा हमला, जिसमें 40 भारतीय सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे। दरअसल, भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी 2019 को पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कैंप पर हवाई हमला किया। बालाकोट में स्थित आतंकी ठिकाना नष्ट किया गया, जिसमें कई आतंकवादी मारे गए।
- फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF): नरेंद्र मोदी सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरने का प्रयास किया, जिसमें पाकिस्तान को FATF की 'ग्रे लिस्ट' में रखने के लिए समर्थन जुटाया। FATF की 'ग्रे लिस्ट' में होने से पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बना और उसे अपने आतंकी वित्तपोषण गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए मजबूर होना पड़ा।
अन्य बड़े फैसले
लाल बहादुर शास्त्री के कार्यकाल में
- हरित क्रांति: भारत में खाद्यान्न की कमी और सूखे के चलते हरित क्रांति की शुरुआत। कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीकों, उर्वरकों और उच्च उपज वाली बीजों का उपयोग।
नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में
- नोटबंदी: 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद कर दिए गए। काले धन, भ्रष्टाचार और नकली मुद्रा पर रोक लगाना।
- अनुच्छेद 370 का निरस्तरण: 5 अगस्त 2019 को जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को हटाया गया।जम्मू और कश्मीर को पूरी तरह भारत में एकीकृत करना और वहां विकास को बढ़ावा देना।
2. सादगी और कड़ी मेहनत:
- लाल बहादुर शास्त्री: अपनी सादगी, ईमानदारी और कड़ी मेहनत के लिए प्रसिद्ध थे। उनका जीवन हमेशा प्रेरणादायक रहा है और उन्होंने देश सेवा को सर्वोपरि माना।
- नरेंद्र मोदी: अपने प्रारंभिक जीवन में साधारण पृष्ठभूमि से आए और अपने मेहनत के बल पर राजनीति में उच्च स्थान प्राप्त किया। वह भी सादगी और अनुशासन का पालन करते हैं।
3. कृषि और ग्रामीण विकास पर जोर:
- लाल बहादुर शास्त्री: इन्होंने "जय जवान, जय किसान" का नारा दिया, जिससे किसानों और सैनिकों का मनोबल बढ़ा। उन्होंने हरित क्रांति को प्रोत्साहन दिया, जिससे देश में खाद्यान्न उत्पादन बढ़ा।
- नरेंद्र मोदी: मोदी ने कृषि और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है। उनके कार्यकाल में "प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि" और "प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना" जैसी कई योजनाएं लागू की गई हैं।
4. राष्ट्रीय सुरक्षा पर जोर:
- लाल बहादुर शास्त्री: 1965 के युद्ध के दौरान देश की सुरक्षा को मजबूत किया और सेना को हर संभव समर्थन दिया।
- नरेंद्र मोदी: राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि माना है और सेना को आधुनिक उपकरणों और तकनीकों से लैस करने पर जोर दिया है।
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