तो इस वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दो सीटों से लड़ सकते हैं 2019 का लोकसभा चुनाव
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2019 में लोकसभा चुनाव किस सीट से लड़ेंगे? क्या वो मौजूदा वाराणसी सीट ही होगी या फिर वो अब किसी और जगह से ताल ठोकेंगे। लग ऐसा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 के लोकसभा चुनावों की तरह ही 2019 में भी दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ेंगे। ये दो लोकसभा क्षेत्र एक तो उनका मौजूदा लोकसभा क्षेत्र ही होगा और दूसरी सीट उनके अपने गृह राज्य गुजरात से हो सकती है।

विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री गुजरात के सूरत लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ सकते हैं। इसके लिए कई कारण दिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री के दो सीटों से लड़ने की संभावना के पीछे जो दो सबसे महत्वपूर्ण कारण बताये जा रहे हैं उनमें एक तो ये है कि गुजरात में बीजेपी की स्थिति बिगड़ी है। इसलिए अगर वो गुजरात से चुनाव लड़ेंगे तो राज्य में लोगों के बीच संदेश जाएगा कि उनका अभी भी राज्य से नजदीकी रिश्ता बना हुआ है। राज्य के लोग उनके साथ खड़े रहेंगे और इस तरह से पाटीदार आंदोलन को दबाने में मदद मिलेगी जो इस वक्त बीजेपी के लिए बड़ा खतरा बन रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने 1957 से 1977 के बीच चार बार सूरत सीट का प्रतिनिधित्व किया था।

पीएम के दो जगह से चुनाव लड़ने की संभावना के पीछे का दूसरा कारण ये बताया जा रहा है कि वाराणसी एक कठिन निर्वाचन क्षेत्र है और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेता भी इस सीट से काफी मशक्कत के बाद जीत पाए थे। राज्य में धीरे-धीरे बढ़ रहे अगड़ी जाति के विरोध के चलते भी प्रधानमंत्री एक सुरक्षित सीट से लड़ना चाहेंगे। लेकिन जाहिर तौर पर कोई भी राजनीतिक दल इस तरह के कारण को स्वीकार नहीं करेगा। 2014 के लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री ने वडोदरा लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ा था और बाद में वहां से इस्तीफा दे दिया था।
इस बीच खबरें ये भी चल रही हैं कि पीएम मोदी ओडिशा में पुरी लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं क्योंकि ओडिशा में भी बीजेपी को काफी उम्मीद है। लेकिन गुजरात को बचाना पार्टी के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है और अगड़ी जातियों के गुस्से को वो नजरअंदाज करने का जोखिम नहीं उठा सकती
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