Guwahati Terminal: PM मोदी ने गुवाहाटी के 'द बैंबू ऑर्किड्स' टर्मिनल का किया उद्घाटन, क्या हैं इसकी खूबियां?
Guwahati Terminal: पूर्वोत्तर भारत के विकास को एक नई उड़ान देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 'लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे' (LGBIA) के नए टर्मिनल का उद्घाटन किया। महज एक साल से भी कम समय में तैयार हुआ यह टर्मिनल भारत के तेजी से बदलते बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की एक बेमिसाल मिसाल बनकर उभरा है।
अडानी समूह द्वारा विकसित यह टर्मिनल न केवल अपनी आधुनिक सुविधाओं के लिए, बल्कि अपनी अनूठी वास्तुकला के लिए भी चर्चा में है। आइए जानते हैं इस नए टर्मिनल से जुड़ी हर बड़ी बात।

1 साल से कम समय में हुआ तैयार
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी उपलब्धि इसका निर्माण समय है।
- डिजाइन से उद्घाटन तक: प्रधानमंत्री ने फरवरी 2025 में 'एडवांटेज असम 2.0' के दौरान इसका डिजाइन पेश किया था और दिसंबर 2025 में यह बनकर तैयार है।
- जर्मन विशेषज्ञों की मदद: टर्मिनल को शुरू करने से पहले जर्मनी के म्यूनिख से आए विशेषज्ञों ने 'ORAT' (Operational Readiness and Airport Transfer) प्रक्रिया को पूरा किया, ताकि यात्रियों को पहले दिन से ही विश्व स्तरीय अनुभव मिले।
'द बैंबू ऑर्किड्स': प्रकृति और संस्कृति का मिलन
इस टर्मिनल का नाम 'द बैंबू ऑर्किड्स' रखा गया है, जो असम की पहचान को दर्शाता है।
- बांस का जादू: टर्मिनल के निर्माण में असम और अरुणाचल प्रदेश के लगभग 140 मीट्रिक टन स्थानीय बांस का उपयोग किया गया है।
- प्रेरणा: इसका डिजाइन असम के प्रसिद्ध 'कोपौ फूल' (Orchid) और उत्तर-पूर्व के पारंपरिक बांस शिल्प से प्रेरित है। यह यात्रियों को टर्मिनल के भीतर ही असम की हरियाली और संस्कृति का अहसास कराता है।
अडाणी समूह और भविष्य का विजन
गुवाहाटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड द्वारा विकसित इस टर्मिनल का संचालन अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड कर रही है।
- क्षमता: इस टर्मिनल को साल 2032 तक सालाना 1.31 करोड़ यात्रियों को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है।
- बड़ा निवेश: पूरे एयरपोर्ट के विस्तार पर करीब 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जिसमें से 1,000 करोड़ रुपये विमानों के रखरखाव (MRO) के लिए समर्पित हैं।
'एक्ट ईस्ट' नीति का केंद्र बनेगा असम
उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि यह टर्मिनल असम को देश का 'पूर्वी द्वार' बनाएगा।
- कनेक्टिविटी: गुवाहाटी अब पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों के लिए एक प्रमुख हब बन गया है।
- रोजगार और व्यापार: नए कार्गो टर्मिनल और बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
स्मार्ट सुविधाओं से लैस आधुनिक टर्मिनल
यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए यहां अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है:
- डिजीयात्रा (DigiYatra): चेहरे की पहचान से पेपरलेस एंट्री।
- स्मार्ट चेक-इन: लंबी कतारों से मुक्ति के लिए एडवांस सिस्टम।
- विशाल पैसेंजर एरिया: यात्रियों के बैठने और घूमने के लिए खुली और हवादार जगह।
गुवाहाटी एयरपोर्ट एक नजर में
| विवरण | आंकड़े |
| यात्रियों की संख्या (2024-25) | 65 लाख |
| देश में रैंकिंग | 10वां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट |
| कुल निवेश | ₹5,000 करोड़ |
| बांस का उपयोग | 140 मीट्रिक टन |












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