प्रधानमंत्री को मिले 1200 उपहारों की नीलामी, नमामि गंगा परियोजना पर खर्च होंगे पैसे
पीएम मोदी को अलग-अलग जगहों से मिले 1200 उपहारों की नीलामी कराई जाएगी। उपहारों का मूल्य 100 रुपये से 10 लाख रुपये तक है। PM modi gift auction proceeds for Namami Gange Mission
नई दिल्ली, 11 सितंबर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उपहार में दी गई 1,200 से अधिक वस्तुओं की नीलामी 17 सितंबर से की जाएगी। खिलाड़ियों और राजनेताओं सहित जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से मिले उपहारों की नीलामी से मिली राशि का इस्तेमाल नमामि गंगे परियोजना के लिए किया जाएगा।

कहां मिलेंगे उपहार
नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट के महानिदेशक अद्वैत गडनायक ने कहा कि नीलामी वेब पोर्टल pmmementos.gov.in के माध्यम से आयोजित की जाएगी और 2 अक्टूबर को समाप्त होगी। इस पोर्टल पर उपहार प्रदर्शित किए जाते हैं।
कितनी कीमत होगी
अद्वैत गडनायक ने कहा कि आम आदमी और साथ ही भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत का प्रतिनिधित्व करने वाले विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने पीएम मोदी को उपहार दिए हैं। इन्हीं उपहारों की एक विस्तृत श्रृंखला की नीलामी की जानी है। उपहारों का आधार मूल्य 100 रुपये से 10 लाख रुपये के बीच है।
मुख्यमंत्रियों ने दिए उपहार
उपहारों की सूची में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उपहार में दी गई रानी कमलापति की एक मूर्ति, एक हनुमान मूर्ति और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा उपहार में दी गई एक सूर्य पेंटिंग और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर द्वारा उपहार में दिया गया एक त्रिशूल भी शामिल है।
ई-नीलामी का यह चौथा संस्करण
प्रधानमंत्री को मिले उपहारों में कोल्हापुर में स्थित देवी महालक्ष्मी की एक मूर्ति भी शामिल है, जिसे एनसीपी नेता अजीत पवार ने उपहार में दिया था। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी द्वारा उपहार में दी गई भगवान वेंकटेश्वर की प्रतिमा भी नीलामी में शामिल की जाएगी। दिलचस्प है कि पीएम मोदी को मिले उपहारों की ई-नीलामी का यह चौथा संस्करण होगा।
खिलाड़ियों ने भी पीएम को उपहार दिए
नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट के निदेशक तेम्सुनारो जमीर ने कहा कि ओलंपिक में पदक विजेता के अलाा अन्य खिलाड़ियों द्वारा हस्ताक्षरित टी-शर्ट, बॉक्सिंग दस्ताने, भाला और रैकेट जैसी खेल वस्तुओं का एक विशेष संग्रह है। उपहारों में उत्कृष्ट पेंटिंग, मूर्तियां, हस्तशिल्प और लोक कलाकृतियां भी शामिल हैं।
इन ऐतिहासिक मंदिरों के मॉडल
तेम्सुनारो जमीर ने कहा कि इनमें से कई चीजें उपहार के रूप में दी जाती हैं, जैसे कि पारंपरिक अंगवस्त्र, शॉल, सिर के गियर, औपचारिक तलवारें आदि। उन्होंने कहा कि अन्य यादगार वस्तुओं में अयोध्या में आगामी श्री राम मंदिर और वाराणसी में काशी-विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृतियां और मॉडल शामिल हैं।












Click it and Unblock the Notifications