PM-Kisan 21st Kist: किन किसानों को इस बार नहीं मिलेगा पीएम किसान निधि का लाभ? लिस्ट में कहीं आप भी तो नहीं?
PM-Kisan 21st Kist: भारत जैसे कृषि प्रधान देश में किसानों की मेहनत ही हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। जब किसान दिन-रात खेतों में काम करता है तभी अन्न की एक-एक बाली तैयार होती है। लेकिन खेती करना आसान नहीं है। कभी बारिश से फसल चौपट हो जाती है, तो कभी सूखा किसानों की मेहनत पर पानी फेर देता है। खेती के लिए बीज, खाद और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती होता है।
इन्हीं मुश्किलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने किसानों की मदद के लिए वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की सीधी आर्थिक मदद मिलती है। अब इस योजना की 21वीं किस्त का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह दिवाली से पहले किसानों के खातों में आ सकती है। लेकिन कुछ किसान ऐसे भी हैं जो इस मदद से वंचित रह जाएंगें। आइए इस बारे में आपको विस्तार से बताते हैं...

सालाना 6 हजार रुपये की मदद
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत योग्य किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम किसानों के बैंक खाते में सीधे तीन किस्तों में भेजी जाती है। हर किस्त 2-2 हजार रुपये की होती है। इस समय किसान 21वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। 20वीं किस्त 2 अगस्त को जारी की गई थी।
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कब आ सकती है 21वीं किस्त?
योजना की किस्तें आमतौर पर चार-चार महीने के अंतराल पर आती हैं। अगर इसी हिसाब से देखें तो 21वीं किस्त नवंबर 2025 तक किसानों के खाते में आ सकती है। हालांकि, कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार इसे दिवाली से पहले जारी कर सकती है। ताकि किसानों को त्योहार से पहले राहत मिल सके। इसे सरकार की ओर से किसानों के लिए दिवाली का तोहफा भी माना जा रहा है।
किन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ?
हर किसान को यह किस्त मिले, ऐसा जरूरी नहीं है। सरकार ने इसके लिए कुछ नियम बनाए हैं। जो किसान इन नियमों का पालन नहीं करते या फिर अपात्र पाए जाते हैं, उनकी किस्त रोक दी जाती है।
अपात्र किसान
- अगर कोई किसान गलत जानकारी देकर योजना में शामिल हो गया है, तो विभाग उसकी पहचान कर उसका आवेदन रद्द कर देता है। ऐसे मामलों में न केवल किस्त रोकी जाती है बल्कि गलत तरीके से ली गई रकम की वसूली भी हो सकती है।
ई-केवाईसी न कराने वाले किसान
- योजना का लाभ जारी रखने के लिए किसानों को ई-केवाईसी कराना जरूरी है। जो किसान समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, वे अगली किस्त से वंचित हो सकते हैं।
भू-सत्यापन न करने वाले किसान
- जिन किसानों ने अपनी जमीन का सत्यापन नहीं कराया है, उनकी भी किस्त रोक दी जाएगी। सरकार यह जांच करती है कि किसान वास्तव में खेती योग्य जमीन के मालिक हैं या नहीं।
ऑफिशियल वेबसाइट से स्टेटस कैसे करें चेक? (PM Kisan Status Check)
- PM Kisan Beneficiary Status पर जाएं।
- यहां अपना Aadhaar Number, Account Number, या Mobile Number दर्ज करें।
- आवश्यक जानकारी भरने के बाद, "Get Data" बटन पर क्लिक करें।
- आपको अपनी किस्तों की स्थिति, भुगतान की तारीखें और अन्य विवरण मिल जाएंगे।
योजना का महत्व
यह योजना किसानों के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह उन्हें सीधे वित्तीय मदद देती है। इसमें किसी बिचौलिए की भूमिका नहीं होती और पैसा सीधे खाते में पहुंचता है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह मदद खेती के खर्च और घर के कामकाज में बहुत काम आती है।
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