India US trade talks: अमेरिका दौरे पर जाएंगे पीयूष गोयल, द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर रहेगी नजर
Piyush Goyal Visit US: केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सोमवार, 22 सितंबर 2025 को उच्चस्तरीय व्यापार वार्ता (US trade talks) के लिए अमेरिका (USA) का दौरा करेंगे। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करना और महत्वपूर्ण व्यापार मुद्दों पर चर्चा करना है।
इसके साथ ही अमेरिका की ओर से लगाए गए नए टैरिफ पर भी चर्चा शामिल हैं। भारत और अमेरिका के बीच हाल के कूटनीतिक मुलाकात के बाद बातचीत में तेजी आई है।

बीते बुधवार को अमेरिकी प्रमुख वार्ताकार ब्रेंडन लिंच और उनके भारतीय समकक्ष राजेश अग्रवाल ने नई दिल्ली में प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर एक दिन लंबी चर्चा की। इसके बाद वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी टीम के साथ हुई वार्ता सकारात्मक रही और दोनों पक्ष इस समझौते को जल्द से जल्द और आपसी लाभकारी तरीके से निष्पन्न करने पर सहमत हुए हैं।
India US trade talks: भारत-यूएस टैरिफ मुद्दा पर हो सकती है चर्चा
गोयल की यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब अमेरिका और भारत के बीच पिछले अगस्त में लागू किए गए व्यापक पारस्परिक टैरिफ पर बातचीत जारी है। अमेरिकी प्रशासन ने 7 अगस्त को 25% पारस्परिक टैरिफ लागू किया था, इसके बाद 27 अगस्त को रूसी तेल खरीद पर अतिरिक्त 25% शुल्क लगाया गया, जिससे कुल टैरिफ दर 50% हो गई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 75वें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। यह जून के बाद उनका पहला संपर्क था।
H-1B वीज़ा शुल्क वृद्धि का प्रभाव
पीयूष गोयल और उनकी टीम की यह यात्रा ट्रंप द्वारा हाल ही में H-1B वीज़ा शुल्क बढ़ाने की घोषणा के बाद की पहली महत्वपूर्ण कूटनीतिक यात्रा भी है। ट्रंप ने शुक्रवार को एक घोषणा पर हस्ताक्षर किए, जिसमें कहा गया कि विशेष पेशे में काम करने वाले गैर-प्रवासी व्यक्तियों के लिए H-1B वीज़ा के लिए USD 100,000 का भुगतान अनिवार्य होगा।
इस यात्रा से कई उम्मीदें
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि गोयल की यह यात्रा द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चर्चा को आगे बढ़ाने और जल्द से जल्द आपसी लाभकारी समझौते को निष्पादित करने के उद्देश्य से की जा रही है। उम्मीद है कि इस दौर की वार्ता से भारत और अमेरिका के बीच व्यापार संबंधों को नई गति मिलेगी और दोनों देशों के उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनेगा।












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