महात्मा गांधी की हत्या की दोबारा जांच नहीं होगी, एमिकस क्यूरी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया जवाब
नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या के मामले की एक बार फिर से जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी, जिसपर एमिकस क्यूरी ने अपनी रिपोर्ट फाइल कर दी है। एमिकस क्यूरी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस मामले में दोबारा जांच की जरूरत नहीं है। महात्मा गांधी की हत्या की जांच के लिए जनहित याचिका दायर की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस क्यूरी को नियुक्त किया था
महात्मा गांधी की हत्या की दोबारा जांच की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसपर एमिकस क्यूरी ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दायर कर दी है, इसमे कहा गया है कि महात्मा गांधी की हत्या की दोबारा जांच की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व अडिशनल सॉलिसिटर जनरल अमरेंद्र शरण को इस मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था।

किसने मारी चौथी गोली
जस्टिस एस ए बोबडे और जस्टिस एल नागेश्वर राव की सुप्रीम कोर्ट बेंच ने 7 अक्टूबर 2017 को अमरेंद्र शरण को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था और उन्हें निर्देश दिया था कि वह इस मामले से जुड़े दस्तावेज की जांच करें और अपनी रिपोर्ट दें। आपको बता दें कि अभिनव भारत के पंकज फडनवीस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके कहा था का महात्मा गांधी की हत्या रहस्यमय तरीके से हुई थी। महात्मा गांधी को जो चौथी गोली मारी गई थी, जिसने यह चौथी गोली मारी थी उसके बारे में आजतक नहीं पता चला है। इस मामले की रिपोर्ट शरण ने सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी है।

कपड़ों की भी जांच की गई थी
1969 में गृह मंत्रालय को कपूर जांच आयोग ने महात्मा गांधी की हत्या से जुड़ी एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी, इस रिपोर्ट का पूरी तरह से अध्ययन करने के बाद शरण ने अपनी रिपोर्ट पेश की है। उन्होंने महात्मा गांधी के कपड़ों की जांच की थी जो गांधीजी ने 30 जनवरी 1948 को पहना था। इन कपड़ों को देखने के बाद शरण ने कहा था कि कपड़ों पर खून के धब्बों को देखना काफी विचलित करने वाला अनुभव था।












Click it and Unblock the Notifications