तस्वीरें: अंतिम सफर पर अटल बिहारी वाजपेयी, राजनीति के अजातशत्रु को विदा करने उमड़ा जनसैलाब
नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री व भारतीय राजनीति के अजातशत्रु अटल बिहारी वाजपेयी हमारे बीच नहीं रहे लेकिन उनका अटल व्यक्तित्व हमेशा के लिए अमर हो गया। शून्य से शिखर पर पहुंचे अटल बिहारी वाजपेयी ने ताउम्र कभी अभिमान नहीं किया और शायद यही वजह रही कि पक्ष हो या विपक्ष सभी उनका बहुत आदर और सम्मान करते थे। गुरुवार शाम 5:05 बजे जब उनके निधन की खबरें आईं, पूरा देश शोक में डूब गया। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अब नहीं रहे। उनके निधन के बाद पार्शिव शरीर को पहले उनके आवास पर और उसके बाद अगले दिन बीजेपी मुख्यालय में रखा गया जहां देशभर के राजनेता आकर उनको श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे। हर कोई उनसे जुड़ा कोई न कोई किस्सा सुना रहा था, कोई उनकी कविताओं की पंक्तियों को दोहरा रहा था तो कोई सदन में उनके दिए गए भाषणों की बात कर रहा था। उनकी कविताओं ने लोगों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। वहीं, अपने जीवनकाल में अटल बिहारी वाजपेयी ने हमेशा संस्कारों की राजनीति की। वो विपक्षी दलों का हमेशा सम्मान करते थे और जोड़तोड़ की राजनीति में विश्वास नहीं करते थे। उनका कहना था कि वो एक हाथ में देश का संविधान तो एक हाथ में समता का निशान लेकर आगे बढ़ते रहेंगे। वाजपेयी वो जननेता थे जिनकी अपील हर धर्म, हर भाषा, हर क्षेत्र और हर जाति को सहज ही आकर्षित कर लेती थी और उनकी इसी वाकपटुता के कायल विपक्षी दल भी थे। अपने सहयोगियों को हमेशा साथ लेकर चलने वाले अटल बिहारी वाजपेयी आज अपने अंतिम सफर पर निकल पड़े हैं और उनको श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
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अंतिम सफर पर अटल बिहारी वाजपेयी, तस्वीरें















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